Sheopur News: ‘पेमेंट नहीं तो काम नहीं’, श्योपुर में सफाई कर्मियों की हड़ताल से मचा हाहाकार, शहर में लगे गंदगी के ढेर

श्योपुर: जिन पर शहर को साफ करने की जिम्मेदारी है, आज वे अपने वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उनकी पीड़ा को सुनने के लिए कोई तैयार नहीं. ये समस्या है श्योपुर नगर पालिका क्षेत्र में काम करने वाले सफाई कर्मियों की है. मंगलवार को सफाई कर्मचारियों ने झाड़ू को नगर पालिका के सामने रखकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में महिला-पुरुष सफाई कर्मियों के साथ आउटसोर्स कर्मचारी भी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि “उन्हें पिछले 3 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है.” उन्होंने कलेक्टर अर्पित वर्मा से सैलरी दिलाने की मांग की है.
वेतन न मिले से हड़ताल पर सफाई कर्मी
नगर पालिका में पदस्थ सफाई दरोगा शिवराम धुलिया ने बताया, “नगर पालिका में पदस्थ सफाई कर्मियों को 3-4 महीने से वेतन नहीं मिला है. इन्हीं मांगों को लेकर कर्मियों द्वारा यह प्रदर्शन किया गया है. समय पर वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मियों ने मंगलवार को काम को बंद कर दिया है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तब तक सफाई का काम बंद रहेगा. जब पूरे वेतन की मांग की जाती है तो एक महीने का वेतन डालकर खानापूर्ति कर दी जाती है. उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. इसके अलावा जो कर्मी रिटायर हुए हैं, उन्हें अर्जित अवकाश का भी पैसा नगर पालिका प्रशासन नहीं दे रहा है.”
प्रशासन पर लगे भेदभाव के आरोप
समय पर वेतन न मिलने से परेशान सफाई कर्मी सीताराम धुलिया कहते हैं कि “नगर पालिका प्रशासन की ओर से सफाई कर्मियों को हर महीने वेतन नहीं दिया जा रहा है. इससे परिवार का पालन पोषण नहीं हो पा रहा है. आखिर नगर पालिका प्रशासन हमारे साथ इस तरह का भेदभाव क्यों कर रहा है. हम लोग सुबह उठकर नगर की सफाई इसलिए करते हैं कि नगर स्वच्छ बना रहे और संक्रामक बीमारी नहीं फैले, फिर भी सफाई कर्मियों को समय पर वेतन नहीं दिया जाता है. हमारे बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं और फीस जमा न होने पर बच्चों को निकाल दिया जाता है.”
विधायक और पार्षद ने हड़ताल का किया समर्थन
हड़ताल पर गए कर्मचारियों का आरोप है कि सीएमओ समस्या को हल करने के बजाए हमें काम से निकालने की धमकी दे रहे हैं. काम बंद हड़ताल के चलते पूरे शहर में कचरा फैला हुआ है. गली-मोहल्लों में गंदगी का अंबार लग रहा है. इस हड़ताल को कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल और विपक्षी पार्षदों ने समर्थन दिया है. साथ ही कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने भी श्योपुर नगर पालिका प्रशासन पर निशाना साधा है
‘जिम्मेदारी नहीं उठा सकते तो इस्तीफा दे दो’
विधायक बाबू जंडेल ने कहा, “श्योपुर नगर पालिका प्रशासन ने सब कुछ बेच दिया है. उसके बाद भी सफाई कर्मियों और अन्य कर्मियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है.” उन्होंने नगर पालिका प्रशासन पर भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगाए है. अधिकारियों को जिम्मेदार लेनी चाहिए और इन कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाना चाहिए. अगर जिम्मेदारी नहीं उठा सकते है, तो पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.”






