Manipur Politics: मणिपुर से हटा राष्ट्रपति शासन, युमनाम खेमचंद ने ली नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन खत्म हो गया है. इसके लिए गृह मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया. इसमें तत्काल प्रभाव से इसे खत्म करने का ऐलान किया गया. इसके साथ ही राज्य को नया सीएम भी मिल गया है. युमनाम खेमचंद ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. मणिपुर के राज्यपाल अजय भल्ला ने लोकभवन में उनको शपथ दिलाई.
मेतई सुमदाय से ताल्लुक रखने वाले 62 साल के खेमचंद सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक और पेशे से इंजीनियर रहे हैं. वो बीरेन सरकार में नगर प्रशासन और आवास विभाग के मंत्री थे. इसके साथ ही 2022 में वो मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे. खेमचंद आरएसएस के करीबी माने जाते हैं.
बीते दिन चुने गए थे विधायक दल के नेता
बीजेपी मुख्यालय में मंगलवार को बैठक हुई थी. इसमें खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया था. इस चुनाव के लिए बीजेपी आलाकमान नेराष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को आब्जर्वर नियुक्त किया था. बता दें किमुख्यमंत्री की रेस में गोविंद दास और टी विश्वजीत सिंह सबसे आगे थे.
गोविंद दास 7 बार के विधायक हैं. उन्हें बिरेन सिंह का समर्थन भी है. बता दें कि विधायकों की बैठक पहले इंफाल में होनी थी लेकिन कुकी समुदाय के पार्टी से जुड़े विधायक दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक करना चाहते थे.
मैतेई और कुकी के बीच संघर्ष
मई 2023 में मैतेई और कुकी जातियों के बीच जातीय हिंसा हुई. इसमें अब तक 260 से अधिक लोग मारे गए. हजारों लोग बेघर हो गए. पिछले साल 13 फरवरी को बीरेन सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा दिया. फिर केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था.
60 सदस्यीय विधानसभा वाले मणिपुर में बीजेपी के पास कुल 37 विधायक हैं. एनडीए के सहयोगी दल में एनपीपी के 6 और नागा पीपुल्स फ्रंट (एपीएफ) के भी 5 विधायक हैं. मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी, 2025 को 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. फिर अगस्त 2025 में इसे और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था.






