Deoghar Election: देवघर में ‘लेटरपैड वार’ तेज, जेएमएम ने आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों को नकारा; बीजेपी पर किया पलटवार

देवघर: नगर निगम चुनाव के साथ ही सियासी तापमान लगातार चढ़ता जा रहा है. मेयर पद के लिए चुनाव लड़ रहे रवि राउत के समर्थन में झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. जेएमएम जिला अध्यक्ष के कथित वायरल लेटरपैड पर समर्थन की घोषणा को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है.
जेएमएम के लेटरपैड मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की. जिसमें कहा गया है कि देवघर में जेएमएम के जिला अध्यक्ष ने अपने आधिकारिक लेटर पैड का इस्तेमाल करते हुए मेयर प्रत्याशी के समर्थन की घोषणा की, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है. बीजेपी का कहना है कि यह आचार संहिता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है.
जेएमएम जिला अध्यक्ष ने आरोपों को किया खारिज
इस पूरे मामले पर जेएमएम के जिला अध्यक्ष संजय शर्मा ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिस तारीख को उक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, उस समय आदर्श आचार संहिता लागू नहीं था, इसलिए नियम उल्लंघन का सवाल ही नहीं उठता है. संजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि सवाल भाजपा से पूछा जाना चाहिए, जिसने आचार संहिता के दौरान अपने कार्यालय में मेयर प्रत्याशी रीता चौरसिया को सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया.
संजय शर्मा ने कहा कि सिर्फ देवघर के मेयर प्रत्याशी ही नहीं बल्कि मधुपुर नगर परिषद अध्यक्ष के प्रत्याशी नीति कुमारी को भी समर्थन देने का काम किया है. जबकि वर्तमान में आचार संहिता लागू है, उसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी नगर निगम और नगर निकाय चुनाव में अपनी संलिप्तता दिखा रही है. जिलाध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि उनकी तरफ से भी भाजपा के खिलाफ शिकायत की जा रही है. उन्हें उम्मीद है कि चुनाव आयोग उचित कार्रवाई करेगी.
दलगत नहीं कार्यकर्ताओं का समर्थन है: रीता चौरसिया
इस विवाद पर मेयर प्रत्याशी रीता चौरसिया ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उन्हें किसी प्रकार का औपचारिक दलगत समर्थन नहीं दिया गया है. पार्टी की ओर से केवल कार्यकर्ताओं को मेहनत करने और चुनावी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया है. मेयर प्रत्याशी रीता चौरसिया ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह सिर्फ चुनावी माहौल को गर्माने की कोशिश है.






