ब्रेकिंग
PM Modi Europe Tour 2026: पीएम मोदी का 5 देशों का महादौरा, UAE से लेकर इटली तक दिखेगी भारत की धाक Indian Army & Navy: थल सेना और नौसेना के बीच ऐतिहासिक समझौता, 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी ताकत बढ़ाने पर जो... कलकत्ता हाई कोर्ट में काला कोट पहनकर पहुंचीं ममता बनर्जी, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्टेटस पर उठाए सव... Defence Minister Rajnath Singh: 'ऑपरेशन सिंदूर' पर राजनाथ सिंह की हुंकार- दुश्मन को घर में घुसकर मार... Alirajpur Murder: आलीराजपुर में 'ब्लाइंड मर्डर' का खुलासा, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत... Maharashtra News: महाराष्ट्र में मंत्रियों के काफिले में 50% की कटौती, सीएम फडणवीस बुलेट से पहुंचे व... Voter List Revision 2026: दिल्ली, पंजाब और कर्नाटक समेत 16 राज्यों में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का ऐलान BRICS Foreign Ministers Meeting: जयशंकर का बड़ा बयान- सैन्य शक्ति और प्रतिबंध नहीं, संवाद से निकलेगा... Purnia Crime News: पूर्णिया के गैरेज में महिला से गैंगरेप, पुलिस ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार Delhi News: दिल्ली में अब हफ्ते में 2 दिन 'वर्क फ्रॉम होम', सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान
झारखण्ड

लापरवाही की हद: 17 महीने बाद भी छात्रों से दूर हाईटेक लैब, स्टाफ के अभाव में धूल फांक रहे लाखों के कंप्यूटर

खूंटी/रांची: खूंटी जिले के बिरसा कॉलेज में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब उद्घाटन के 17 महीने बाद भी छात्रों के लिए शुरू नहीं हो सकी है. जुलाई 2024 में 15 लाख रुपये की लागत से बनी इस लैब को बड़ी पहल बताते हुए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उद्घाटन किया था, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी कॉलेज के छात्र इस सुविधा से वंचित हैं.

जुलाई 2024 में हुआ था लैब का उद्घाटन

टीसीआई फाउंडेशन के सीएसआर फंड से बनी इस कंप्यूटर लैब का उद्घाटन 18 जुलाई 2024 को सांसद कालीचरण मुंडा, तत्कालीन विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, तत्कालीन उपायुक्त लोकेश मिश्रा और टीसीआई के वरीय उपाध्यक्ष नवीन गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया था. उस वक्त इसे छात्रों के भविष्य को डिजिटल रूप से मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया गया था.

रोजगार के अवसरों पर नकारात्मक असर

हालांकि, उद्घाटन के बाद से ही कॉलेज प्रशासन ने लैब को बंद रखा. लंबे समय तक बंद रहने के कारण छात्रों में नाराजगी बढ़ती गई. छात्रों का कहना है कि कंप्यूटर शिक्षा के अभाव में वे न सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं में पिछड़ रहे हैं, बल्कि रोजगार के अवसरों पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है.

एबीवीपी ने उठाए गंभीर सवाल

कॉलेज प्रशासन की उदासीनता उस समय सामने आई, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी कॉलेज पहुंचे और लैब का दरवाजा खुलवाया. अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था. 20 कंप्यूटर और अन्य संसाधन धूल से ढके पड़े थे. साफ हो गया कि संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद संचालन की कोई व्यवस्था नहीं की गई.

एबीवीपी प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इतने अच्छे कंप्यूटर लैब के बावजूद छात्रों को इसका लाभ नहीं मिलना शिक्षा व्यवस्था के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाता है. उन्होंने कॉलेज प्रशासन से तत्काल निर्णय लेकर लैब को चालू करने की मांग की.

ढूंढा जाएगा समस्या का समाधान:- प्रिंसिपल

वहीं, कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य चंद्रकिशोर भगत ने बताया कि उनके कार्यकाल में लैब की स्थापना नहीं हुई थी और पूर्व के प्रभारी द्वारा आवश्यक कदम नहीं उठाए गए. उन्होंने कहा कि कॉलेज में फिलहाल न तो प्रशिक्षित शिक्षक हैं और न ही तकनीकी स्टाफ. जल्द ही प्रशासनिक बैठक कर समस्या का समाधान निकालने और कंप्यूटर लैब को शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा.

अब सवाल यह है कि क्या यह हाईटेक लैब सिर्फ उद्घाटन की शोभा बनकर रह जाएगी या वास्तव में छात्रों के भविष्य को संवारने में अपनी भूमिका निभा पाएगी. ईटीवी भारत इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं.

Related Articles

Back to top button