केंद्र की गाइडलाइन पर उप्र, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखड में शुरू होंगी औद्योगिक गतिविधियां

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण से जनता को बचाने के लिए लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू होने जा रहा है। इस बीच राज्य सरकारें केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को पटरी पर लाने की सोच रही रही हैं।
आर्थिक- औद्योगिक गतिविधियों को लॉकडाउन की कैद से निकालेंगे
उप्र सरकार आíथक-औद्योगिक गतिविधियों को लॉकडाउन की कैद से निकालने का मन बना चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्र सरकार की गाइड लाइन के आधार पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
पत्रकारों से बातचीत में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि चीनी मिलों के संचालन में संक्रमण का एक भी प्रकरण सामने नहीं आया और ईंट-भट्ठा उद्योग भी अच्छी प्रकार चला है। इसी तर्ज पर सभी उद्योगों को चलाया जाएगा।
हरियाणा के ऑरेंज जोन में औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियां होंगी चालू
हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार से औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को शुरू करने के आदेश दे दिए। ग्रीन जोन में सभी बाजार खोले जाएंगे। रोडवेज की बसें भी चलेंगी लेकिन उनमें क्षमता से आधी सवारियां ही बैठ सकेंगी। निजी चार पहिया वाहनों में ड्राइवर के साथ दो सवारियों को इजाजत दी गई है। ऑरेंज जोन में औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियां तो शुरू होंगी, लेकिन रोडेवज बसों को नहीं चलाया जा सकेगा। निजी वाहनों के चलने पर छूट रहेगी।
सोमवार से सरकारी दफ्तरों में कामकाज शुरू हो जाएगा। कोविड-19 अस्पतालों के अलावा मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी अभी नहीं खुलेंगी। निजी अस्पताल व क्लीनिक भी खुल सकते हैं। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आंखों व दांतों के अस्पताल खोले जा सकेंगे। उत्तराखंड सरकार ने सोमवार से शराब की दुकानों को खोलने का निर्णय लिया है। ये दुकानें भी शाम चार बजे तक ही खुलेंगी। ‘
राजस्थान के शहरी औद्योगिक क्षेत्रों में शुरू होगा उत्पादन
शनिवार देर रात राजस्थान सरकार ने भी अपनी गाइड लाइन तय कर दी। इसके तहत शादी समारोह में 50 से अधिक लोगों के मौजूद रहने पर रोक रहेगी। अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। बसों का संचालन ग्रीन जोन वाले छह जिलों में ही हो सकेगा। साइकिल, ऑटो रिक्शा, टैक्सी व कैब ग्रीन और ऑरेंज जोन में चल सकेंगे। निर्माण कार्यों के साथ ही इलेक्ट्रिक दुकानें, कूरियर सíवस, ई-कॉमर्स, स्टेशनरी, मोबाइल की दुकानें व शहरी औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन ग्रीन, ऑरेंज जोन में हो सकेगा।






