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आरपीएन सिंह का सख्त निर्देश- पोस्टरों में नहीं, दिलों में जगह बनाएं कांग्रेसी

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी आरपीएन सिंह ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कार्यकर्ताओं और नेताओं को सख्त संदेश दिया है कि काम पर फोकस करें, पोस्टरों पर नहीं। वे कांग्रेस के मंत्रियों, जोनल कोऑर्डिनेटर और सभी जिलाध्यक्षों के साथ बात कर रहे थे। इस दौरान एक जिलाध्यक्ष ने पोस्टरों में कांग्रेस नेताओं के नहीं होने की बात कही और आपत्ति जताई, जिसपर आरपीएन ने सख्त संदेश दिया। आरपीएन के साथ झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने भी जिलाध्यक्षों और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्षों के साथ चर्चा की।

इस दौरान प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने कहा कि यह वक्त कोरोना महामारी से मुक्ति दिलाने के लिए सामूहिक संघर्ष का है, झारखंड को कोविड मुक्त बनाना है, पूरे देश को कोविड-19 से मुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता आम आदमी, मध्यमवर्गीय लोगों, मजदूरों, किसानों, व्यापारियों और समाज के सभी जरूरतमंद वर्ग की मदद करें। दिलों में बसना है, पोस्टर में नहीं दिखना है। अभी लॉकडाउन के बीच जो प्रवासी वापस घर लौट रहे हैं, उनकी सेवा में सभी जुट जाएं।

उनके क्वारंटाइन सेंटर में रहने से लेकर खाने-पीने की मुकम्मल व्यवस्था की जाए। आरपीएन सिंह ने कृषि मंत्री बादल को यह विशेष रूप से जिम्मेदारी सौंपी कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति किसानों को जल्द से जल्द से उपलब्ध कराई जाए। डॉ. रामेश्वर उरांव ने उन्हें बताया कि राज्य सरकार लॉकडाउन के बीच मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कृत संकल्पित है। मनरेगा के अलावा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, बीड़ी पत्ता संग्रहण समेत अन्य योजनाओं से भी प्रवासी कामगारों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

इस मौके पर सभी जिलाध्यक्षों द्वारा भी अपनी ओर से कई सुझाव सरकार और संगठन के समक्ष रखे गए। साहिबगंज के जिलाध्यक्ष ने बताया कि उनके जिले में ‘रोटी मांगो-रोटी बांटो’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। पार्टी प्रभारी की ओर से राहत निगरानी समिति के सदस्य प्रदीप तुलस्यान, आलोक कुमार दूबे, राजेश गुप्ता और लाल किशोरनाथ को विशेष रूप से यह जिम्मेदारी सौंपी गई कि लॉकडाउन में मुश्किल में फंसे लोगों को सरकार और संगठन के बीच समन्वय स्थापित कर राहत पहुंचाएं। जिलाध्यक्षों ने पलामू, बोकारो, देवघर व दुमका में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर जांच केंद्र खोलने की भी मांग की।

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