ब्रेकिंग
Bhopal Power Cut Today: भोपाल के 35 इलाकों में आज छाया रहेगा अंधेरा; जानें आपके क्षेत्र में कब तक रह... MP Crime News: मध्य प्रदेश में रेप के आरोपी ने की पीड़िता की हत्या; केस वापस न लेने पर जमानत पर बाहर... Patna Murder Case: अवैध संबंधों ने उजाड़ा घर! पटना में पत्नी ने देवर के साथ मिलकर पति को उतारा मौत क... Bihar Crime News: बिहार में वारदातों को अंजाम देकर मलेशिया भाग जाता था जयराम, 24 संगीन मामलों के बाद... Dhamtari Crime News: धमतरी में बीच सड़क बुजुर्ग की गला रेतकर हत्या; बाइक एक्सीडेंट और उधारी के विवाद... Railway Crime: ट्रेन में हथियारों की डिलीवरी करने आ रहे थे बदमाश; यात्रियों पर तानी पिस्टल, पुलिस ने... Pune Crime News: ‘भाई जल्दी घर आ जाओ, मैं मर रही हूं…’, पुणे में सिरफिरे प्रेमी ने घर में घुसकर प्रे... Delhi Terror Plot: दिल्ली को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम; आतंकियों के निशाने पर थे बड़े मंदिर और मशहू... Mysuru Mirror Wall: मैसूर में खुले में पेशाब करने वालों की अब खैर नहीं; सड़कों पर लगी 'शीशे वाली दीव... Jharkhand Politics: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की हेमंत सोरेन को बड़ी चेतावनी; बोले- "अब NDA में शामि...
मध्यप्रदेश

Ujjain Mahakal Holi: महाकाल धाम से होगी होली की शुरुआत, संध्या आरती में उड़ेगा गुलाल; जानें चंद्रग्रहण का असर

उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग धाम में होलिका दहन को लेकर तिथि अनुसार तारिख तय कर दी गई है. अगले दिन चंद्र ग्रहण होने से मंदिर की व्यवस्थाओं में भी बदलाव किए गए हैं, जिससे ग्रहण के बाद मंदिर का शुद्धिकरण हो सके और दर्शनार्थियों के दर्शन का क्रम भी सुगम बना रहे. देश में सबसे पहले होली बाबा महाकाल को लगाई जाती है.

संध्या आरती के बाद होगा होलिका दहन
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया, ”श्री महाकालेश्वर मंदिर में 2 मार्च को संध्या आरती के बाद होलिका दहन होगा और 3 मार्च को 14 मिनट का चंद्र ग्रहण है. पुजारियों के अनुसार, मंदिर में शुद्धिकरण किया जाएगा. वहीं, आगामी 8 मार्च 2026 को रंगपंचमी के मौके पर परंपरानुसार बाबा महाकाल का ध्वज चल समारोह निकाला जाएगा.

बाबा महाकाल को लगाया जाएगा हर्बल गुलाल
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने जानकारी देते हुए कहा, ”होली के मौके पर श्री महाकालेश्वर भगवान की संध्या आरती में सबसे पहले बाबा महाकाल को हर्बल गुलाल व परंपरानुसार शक्कर की माला अर्पित की जाएगी. संध्या आरती के बाद मंदिर प्रांगण में ही ओंकारेश्‍वर मंदिर के सामने होलिका के विधिवत पूजन-अर्चन कर होलिका दहन किया जाएगा. 3 मार्च धुलण्डी के दिन सुबह 4 बजे भस्म आरती में सबसे पहले भगवान श्री महाकालेश्वर जी को मंदिर के पुजारी एवं पुरोहितों द्वारा हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा.

महाकालेश्‍वर भगवान की आरतियों के समय में परिवर्तन
मंदिर के पुजारी आशीष गुरु ने बताया, “परम्परानुसार ज्‍योतिर्लिंग महाकालेश्वर भगवान की आरतियों के समय में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से अश्विन पूर्णिमा तक परिवर्तन होगा.

प्रथम भस्मार्ती – सुबह 04:00 से 06:00 बजे तक
द्वितीय दद्योदक आरती- सुबह 07:00 से 07:45 बजे तक
तृतीय भोग आरती- सुबह 10:00 से 10:45 बजे तक
चतुर्थ संध्या पूजन- शाम 05:00 से 05:45 बजे तक
पंचम संध्या आरती शाम 07:00 से 07:45 बजे व
शयन आरती रात 10:30 से 11:00 बजे तक होगी

चंद्र ग्रहण के चलते महाकालेश्वर मंदिर की व्यवस्था में बदलाव
पुजारी आशीष गुरु के अनुसार, ”3 मार्च 2026, मंगलवार (फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा) को महाकालेश्वर मंदिर की प्राचीन परंपरा अनुसार चंद्र ग्रहण के कारण श्री महाकालेश्वर मंदिर की पूजा पद्धति में परिवर्तन रहेगा. शाम 6:32 से 6:46 तक रहने वाले इस 14 मिनट के ग्रहण का वेद काल सुबह सूर्योदय से ही शुरू हो जाएगा. वेद काल के कारण सुबह की दद्योदक और भोग आरती में भगवान को केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा. ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिर में शुद्धिकरण, भगवान का स्नान पूजन के बाद भोग अर्पित कर संध्या आरती संपन्न की जाएगी.

Related Articles

Back to top button