रूस में टूटा कोरोना का कहरः 24 घंटों में 10 हजार से ज्यादा पॉजिटिव मामले दर्ज

मॉस्कोः यूरोप के बाद अब कोरोना वायरस रूस मेें अपना विकराल रूप दिखा रहा है। यहां रविवार को कोरोना का सबसे बुरा दौर नजर आया। रूस में रविवार को 10 हजार से ज्यादा कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए। सबसे खराब हालात राजधानी मॉस्को में हैं जहां देश में मौतों के कुल आंकड़े की आधे से ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं। कोविड -19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मॉस्को में हेलिकॉप्टर और ड्रोन्स की मदद से मॉनिटरिंग की योजना बनाई गई है। आंकड़ों के अनुसार रूस में रविवार को 10,633 केस दर्ज किए गए। इसके साथ ही देश में कुल कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या 1 लाख 34 हजार पार कर चुकी है।
यहां अब तक 1,420 लोगों की मौत हो चुकी हैं। सरकार को डर है कि राजधानी मॉस्को में कहीं हालात इतने खराब न हो जाएं कि मेडिकल सुविधाएं अपने चरम पर पहुंच जाए। हालात से निपटने के लिए पहले से ही तैयारियां की जा रही हैं। अस्थायी अस्पताल और शवगृह बनाए जा रहे हैं और बड़े स्तर पर टेस्टिंग पर जोर दिया जा रहा है। बिगड़ते हालात को देखते हुए रूस के नैशनल गार्ड ने फैसला किया है कि मॉस्को में लॉकडाउन का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसे मॉनिटर करने के लिए हेलिकॉप्टर और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इनसे इस हफ्ते में छुट्टी वाले दिनों में निगरानी की जाएगी।
चिंता जताई गई है कि स्प्रिंग का गर्म मौसम आने से और कई छुट्टियों के होने से बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकल सकते हैं। पार्कों में घूमने जा सकते हैं। मेयर का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से इन्फेक्शन को फैलने से रोकने में मदद मिली है। उनका कहना है कि मॉस्को में बड़े स्तर पर टेस्टिंग की जा रही है। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि अभी वायरस अपने चरम पर नहीं पहुंचा है। यहां बच्चों में कोरोना इन्फेक्शन बढ़ता दिख रहा है। अब तक 2 बच्चों की मौत हो चुकी है और 11 बच्चे गंभीर हालात में हैं।






