शराब दुकानों पर बेसब्री ने बिगाड़े हालात, उड़ी लॉकडाउन की धज्जियां, एक ही दिन में दोगुनी बिक्री

नई दिल्ली। लॉकडाउन के दौरान पूरे देश में कारोबार ठप हो जाने से कमाई न हो पाने की राज्यों की चिंता वाजिब है लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के जिस खतरे के चलते लोग 40 दिन तक लॉकडाउन की तकलीफें झेलते रहे, उस संक्रमण को रोकने की कोशिशें 41वें दिन ही ध्वस्त हो गईं। लॉकडाउन से राहत देने के लिए उठाए गए तमाम कदमों के साथ कुछ राज्यों ने शराब की दुकानों को भी खोलने की इजाजत दे दी लेकिन यह नहीं सोचा और न ही योजना बनाई कि जब शराब की दुकानों के आगे इसके खरीददारों की भीड़ जुटेगी तो 40 दिनों की भगीरथी तपस्या का क्या होगा। दुकानों के खुलते ही क्षणभर में सारी कोशिशें तार-तार हो गईं। आलम यह था कि शराब की लाइनों में लगे लोग घरों से अखबार और पानी की बोतलें तक लेकर पहुंचे थे।
लोग ऐसे उमड़े जैसे मनचाही मुराद मिल रही हो
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, छतीसगढ़, बंगाल आदि राज्यों में सोमवार को शराब की दुकानों पर लोग ऐसे उमड़े जैसे कोई मनचाही मुराद मिल रही हो। स्थिति बिगड़ते देख दिल्ली में जल्द ही दुकानें बंद करा दी गईं। पंजाब, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य भी हैं जिन्होंने शराब की दुकानें खोलने की इजाजत नहीं दी। पंजाब सरकार ने तो केंद्र से शराब की दुकानें खोलने के लिए इजाजत मांगी थी लेकिन उस समय केंद्र सरकार ने मना कर दिया था। मध्य प्रदेश में ऑरेंज जोन में कंटेनमेंट क्षेत्र को छोड़कर और ग्रीन जोन में पूरी तरह शराब की दुकानें मंगलवार से खोलने का फैसला किया गया है।
दोगुनी शराब एक दिन में बिक गई
उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानें खुलीं तो खरीददारी को भीड़ उमड़ पड़ी। आबकारी विभाग और जिला प्रशासन ने शारीरिक दूरी सहित अन्य मानकों का पालन कराने का प्रयास तो किया लेकिन, शराब-बीयर के लिए इतने दिन की प्यास के साथ लॉकडाउन में फिर दुकान बंद हो जाने की आशंका ने व्यवस्था एवं प्रयासों को तमाम जगह ठहरने ही नहीं दिया। यही वजह है कि सामान्य दिनों की तुलना में दोगुनी शराब एक दिन में बिक गई। सुबह दस से शाम सात बजे तक खुली दुकानों का 80 फीसद स्टॉक एक ही दिन में खत्म हो गया। कई स्थानों पर शारीरिक दूरी के नियम का पालन नहीं हुआ।
पौ फटते ही लगी कतारें
छत्तीसगढ़ में सोमवार को शराब की दुकानें खोल दी गई। इसकी सूचना से दुकानों पर पौ फटते ही लंबी कतारें लग गईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। कई स्थानों पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। राज्यभर में अधिकांश दुकानों को भारी भीड़ के चलते दोपहर दो बजे ही पुलिस ने बंद करा दिया। राजस्थान में शराब की दुकानों पर शारीरिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ते देख पुलिस को दखल देना पड़ा। कई जगह दुकानें बंद करानी पड़ीं तो कहीं पर पुलिस ने खुद खड़े होकर शराब की बिक्री कराई।
दिल्ली में भी दिखा अलग दृश्य
दिल्ली में भी अलग दृश्य दिखाई दिया। 150 शराब के ठेकों के शटर उठे तो कोरोना से बचने के लिए कई दिनों से घरों में बंद हजारों लोग ठेके पर जुट गए और लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। शारीरिक दूरी के सारे इंतजाम और दावे हवा-हवाई साबित हुए। मुख्यमंत्री अर¨वद केजरीवाल ने चेताते हुए कहा कि अगर लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे तो दी गई रियायतें खत्म कर दी जाएंगी और उस दुकान और क्षेत्र को सील करने का कड़ा फैसला लिया जाएगा।
दुकानें खुलीं
उप्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, छतीसगढ़, बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा और कर्नाटक
दुकानें नहीं खुलीं
पंजाब, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर, केरल
शारीरिक दूरी के मानकों की उड़ीं धज्जियां
बंगाल में ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन में एकल दुकानों को खोलने की इजाजत मिली। कोलकाता और उसके आसपास शराब की दुकानों पर लाइनें नजर आई। कई जगहों पर पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। झारखंड में लॉकडाउन में किसी जोन में कोई नई छूट नहीं दी गई। यहां शराब की दुकानें नहीं खुलीं। उत्तराखंड में शराब के ठेके खुले तो लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक दृश्य एक जैसा ही था। शराब के लिए मची इस मारामारी के बीच शारीरिक दूरी के मानकों की धज्जियां उड़ीं तो पुलिस को कई जगह बल प्रयोग करना पड़ा।






