ब्रेकिंग
ILBS का 'लिवर मिशन': दिल्ली मॉडल से होगा हर नागरिक का फ्री चेकअप, सरकार ने खोला मदद का पिटारा कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें: किसान आंदोलन पर टिप्पणी मामले में कल बठिंडा कोर्ट में होंगी पेश मराठी कार्ड पर छिड़ा घमासान! भाजपा अध्यक्ष बोले- भाषा के नाम पर जहर न घोलें, वोटिंग से पहले सियासी प... मिसाइल से लेकर माइंडसेट तक... सेना प्रमुख ने समझाया क्या है 'शौर्य संप्रवाह', दुश्मनों के लिए बजाई ख... सावधान! उत्तर भारत में जारी है 'कोल्ड वेव' का कहर; रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी, जानें मौसम विभाग की नई चे... प्रयागराज माघ मेला: श्रद्धालुओं के बीच मची चीख-पुकार, दूसरे दिन भी भड़की आग; आखिर कहाँ है सुरक्षा इं... तनाव के बीच तेहरान से आया राहत भरा मैसेज: 'टेंशन मत लेना...', जानें ईरान में फंसे भारतीय छात्रों का ... शमशान से घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गया परिवार! सीकर में भीषण हादसा, एक साथ उठीं 6 अर्थियां राणा बलचौरिया मर्डर केस में SSP मोहाली के बड़े खुलासे, गिरफ्तार शूटरों ने बताए चौंकाने वाले सच घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच खुले पंजाब के स्कूल, अभिभावकों ने उठाई छुट्टियां बढ़ाने की मांग
देश

गर्भवती महिला के बच्‍चे की मौत मामले में हाई कोर्ट ने पूछा, अब तक क्‍या कार्रवाई हुई

रांची। कोरोनावायरस से निपटने के मामले को लेकर दाखिल विभिन्न याचिकाओं पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन ने इलाज के अभाव में गर्भवती महिला के बच्चे की मौत के मामले में सरकार से पूछा कि इस मामले में अब तक क्या कार्यवाही की गई है। इसकी पूरी जांच रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जाए। सरकार की ओर से देरी से जवाब दाखिल करने की वजह से याचिका पर सुनवाई टल गई। लेकिन अदालत ने पूछा कि बाहर से आने वाले छात्रों और मजदूरों को क्वॉरंटाइन करने की क्या व्यवस्था की गई है। साथ ही सरकार यह भी बताए कि अब तक कितने लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया है

गर्भवती महिला के इलाज नहीं होने से बच्चे की मौत की जांच का आदेश

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने रांची में एक गर्भवती महिला के अस्पतालों में इलाज नहीं होने के मामले की जांच का आदेश विभाग के प्रधान सचिव डा. नितिन मदन कुलकर्णी को दिया है। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि प्रसव एवं अन्य गंभीर रोगों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की जाए ताकि इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो। बता दें कि रांची के एक फोटो जर्नलिस्ट की गर्भवती पत्नी का समय पर इलाज नहीं होने से बच्चे की मौत हो गई। हरमू के एक निजी क्लिनिक के अलावा दो सरकारी अस्पतालों डोरंडा तथा सदर अस्पताल से उसे इलाज के बिना लौटा दिया गया था। अंत में उसे एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसके बच्चे की मौत हो गई।

Related Articles

Back to top button