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मध्यप्रदेश

मैनेजर निकला ‘विभीषण’! पेट्रोल पंप मालिक को लगाया ₹40 लाख का चूना, हिसाब में पकड़ी गई चोरी तो उड़ गए होश; अब खा रहा जेल की हवा

जीपीएम : गौरेला थाना क्षेत्र के केंवची गांव में संचालित एचपी उर्मिला पेट्रोलियम पेट्रोल पंप में करीब 40 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया है. पेट्रोल पंप संचालक की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है.

क्या है पूरा मामला ?

पेंड्रा निवासी प्रमोद सिंह परस्ते पेट्रोल पंप के संचालक हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि पंप का संचालन 5 दिसंबर 2024 से शुरू हुआ था. संचालन और लेखा-जोखा संभालने के लिए अमरपुर निवासी लालजी पटेल को मैनेजर रखा गया था. संचालक के अनुसार पंप संचालन के लिए एसबीआई गौरेला से एचपीसीएल के कम्फर्ट लेटर के आधार पर करीब 67 लाख रुपए की ईडीएफएस सुविधा मिली थी. शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन 2025 के मध्य से खातों में गड़बड़ी की आशंका सामने आई.इस पर जब संचालक ने मैनेजर से पूछताछ की तो उसने बिक्री कम होने और बाजार में उधारी बढ़ने का हवाला देकर बात टाल दी.

पंप के खातों के मिलान पर हुआ खुलासा

बाद में जब बैंक ने पंप के खाते और स्टॉक का मिलान किया तो बड़ी राशि के अंतर का पता चला. संचालक ने बताया कि दिसंबर 2025 में पंप के रिन्यूअल के समय बैंक अधिकारियों ने जानकारी दी कि खातों में बड़ी रकम का अंतर है. इसके बाद संचालक ने जांच शुरू कि तो पता चला कि मैनेजर लालजी पटेल ग्राहकों से उधारी की राशि पंप के अधिकृत क्यूआर कोड के बजाय अपने और अपनी पत्नी के निजी फोन-पे नंबरों में जमा करवा रहा था.

कुछ ग्राहकों ने भी निजी खातों में रकम ट्रांसफर की पुष्टि करते हुए रसीद और भुगतान की जानकारी दी. बैंक स्टेटमेंट और पंप के रजिस्टर का मिलान करने पर पता चला कि दैनिक नकद और अधिकृत ऑनलाइन भुगतान ही खाते में जमा किए जाते थे, जबकि निजी क्यूआर कोड में प्राप्त राशि का कोई हिसाब नहीं था.बाद में बैंक स्टेटमेंट और पंप के रिकॉर्ड मिलान में लगभग 40 लाख रुपये की हेराफेरी सामने आई- प्रमोद परस्ते,पेट्रोल पंप संचालक

मामला सामने आने के बाद 15 जनवरी 2026 को मैनेजर को नौकरी से हटा दिया गया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई.पुलिस ने दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच के बाद आरोपी लालजी पटेल को गिरफ्तार कर लिया है.

प्रमोद परस्ते जिनका एक पेट्रोल पंप है,वहां लालजी पटेल मैनेजर थे.पेट्रोल पंप संचालक ने मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी.पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद आरोपी बैंक मैनेजर को गिरफ्तार करके जेल भेजा है.आगे की कार्रवाई की जा रही है- सौरभ सिंह,थाना प्रभारी गौरेला

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर हर्बल लाइफ प्रोडक्ट में निवेश किया था. पुलिस ने आरोपी द्वारा खरीदी गई एक ईवी कार भी जब्त कर ली है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद जरूरत पड़ने पर और धाराएं जोड़कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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