ब्रेकिंग
हिमाचल से लद्दाख तक रेल नेटवर्क, 1.31 लाख करोड़ की लागत से बनेगा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन लखनऊ ट्रिपल मर्डर की तर्ज पर कानपुर में खूनी संघर्ष, जमीनी विवाद में एक पक्ष ने चार लोगों को मारी गो... Kedartal Trekker Rescue Operation Uttarkashi: उत्तराखंड के केदारताल में लापता ट्रेकरों की तलाश तेज, ... गोरखपुर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, सीएम योगी और नितिन नबीन ने कांग्रेस पर... दरभंगा में सोशल मीडिया पर प्यार और शादी का झांसा देकर इंजीनियर से डेढ़ करोड़ की ठगी, शेयर बाजार में ... दिल्ली के स्कूल में दिल दहला देने वाली घटना, खेलकूद के बाद क्लासरूम में गिरी तीसरी कक्षा की मासूम और... चार साल बाद सेना से नहीं बाहर होंगे 75% अग्निवीर, मोदी कैबिनेट के नए फैसले से युवाओं को मिला बड़ा मौ... न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय तेज गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन, अर्शदीप ... रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की बेटी राहा कपूर करेंगी एक्टिंग की दुनिया में कदम, फिल्म 'रामायण' में नजर ... अमेरिका में ट्रंप की हार के बाद तेहरान में लगा 'We Will Kill Trump' का पोस्टर, नेतन्याहू पर भी कसा त...
देश

मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच ‘सुपर’ रेस्क्यू! ईरान से सुरक्षित निकले 550 भारतीय; एस. जयशंकर ने बताया कैसे आर्मेनिया बना संकटमोचक

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर बताया कि ईरान से अब तक 550 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. जयशंकर ने इसके लिए आर्मेनिया की सरकार और वहां के लोगों का धन्यवाद कहा है. दरअसल, आर्मेनिया विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान के सहयोग से ही भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर किए पोस्ट में लिखा, ईरान से अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में सहयोग के लिए आर्मेनिया की सरकार और वहां के लोगों का धन्यवाद. इन चुनौतीपूर्ण समय में उनके सहयोग की सराहना करते हैं. वहीं जयशंकर ने कहा कि इस मुश्किल हालात में येरेवन की ओर से मिली मदद की वे बहुत कद्र करते हैं. उन्होंने अपने आर्मेनियाई समकक्ष अरात मिर्ज़ोयान के सहयोग को भी सराहा.

आर्मेनिया और दुबई के रास्ते पहुंचे नई दिल्ली

भारत सरकार ईरान समेत मिडिल ईस्ट के देशों में फंसे भारतीयों को वहां से निकालने का लगातार प्रयास कर रही है. इसी क्रम में ईरान से भी भारतीयों को निकाला जा रहा है. दरअसल, भारत सरकार के मुताबिक, ईरान से अब तक 550 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है.

ये सभी आर्मेनिया और दुबई के रास्ते नई दिल्ली स्थित एयरपोर्ट पहुंचे. इनमें छात्रों की संख्या ज्यादा है. दरअसल, ईरान के काफी मुस्लिम युवा ईरान के नामी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करते हैं. बताया जा रहा है कि जंग शुरू होने के बाद ये छात्र ईरान में फंसे हुए थे.

पड़ोसी देशों के जरिए निकासी का रास्ता तैयार

दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी कारण भारत सरकार ने ईरान में मौजूद भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए पड़ोसी देशों के जरिए निकासी का रास्ता तैयार किया है. सरकार की योजना के तहत भारतीय नागरिकों को पहले जमीनी रास्ते से ईरान से निकालकर आर्मेनिया या अजरबैजान जैसे पड़ोसी देशों में पहुंचाया जा रहा है, जहां से उन्हें वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए भारत भेजा जा रहा है.

साइप्रस से रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा

पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रसेल्स में साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस से भी मुलाकात की थी. उन्होंने बताया कि इस वार्ता उनको बेहद खुशी हुई. विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट में बताया कि साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस के साथ बातचीत में हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की.

Related Articles

Back to top button