ब्रेकिंग
संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में जोरदार हंगामा, खरगे के 'मंच शुद्धिकरण' बयान पर सत्ता प... सतवास के मोहाईजागीर में नाले के तेज बहाव में मासूम बच्चा लापता, रातभर सर्चिंग के बाद फिर शुरू हुआ रे... ग्वालियर में 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दिल्ली में दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्त... सिंहस्थ 2028 के लिए एमपी सरकार का बड़ा कदम, UDA के पूर्व प्रमुख जगदीश अग्रवाल बने सिंहस्थ मेला प्राध... मध्य प्रदेश में अब रातभर गुलजार रहेंगे बाजार, राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 'मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्ति... आखिरकार सागर में बनेगा नया एयरपोर्ट: केंद्रीय मंत्री और विधायक शैलेंद्र जैन की वार्ता के बाद रास्ता ... छतरपुर में दर्दनाक हादसा: जटाशंकर धाम से लौट रही अनियंत्रित कार 50 फीट गहरे कुएं में गिरी, 1 युवक की... चार दशकों से ओंकारेश्वर वन्यजीव अभयारण्य की अधिसूचना लंबित, MP हाईकोर्ट ने स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड क... श्योपुर: अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर पथराव व हमला, कई कर्मचारी घायल; रघुनाथपुर थाने में माम... दुबई से अवैध कारोबार चलाने वाले सतीश सनपाल को झटका: MP हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार, चलेग...
मध्यप्रदेश

जिंदा युवक को मुर्दा समझ भेजा पोस्टमार्टम हाउस! जैसे ही डॉक्टर ने उठाया चाकू, होश में आकर ‘नग्न’ अवस्था में भागा युवक; अस्पताल में मची भगदड़

मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक वर्षीय युवक ने डॉक्टरों ने मृत घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. युवक का पोस्टमार्टम होने ही वाला था कि उसे अचानक होश आय गया. खुद को लाशों के बीच घिरा देख वह काफी घबरा गया और फिर नग्न अवस्था में ही बाहर भाग निकला. इस दौरान मौके पर हड़कंप मच गया.

जानकारी के अनुसार, गुना जिले के हड्डी मील क्षेत्र के निवासी जॉन पारदी ने 11 मार्च को कथित रूप से मानसिक तनाव के चलते जहरीले पदार्थ सल्फास का सेवन कर लिया था. परिजन और स्थानीय लोग उसे अचेत अवस्था में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने बिना पर्याप्त जांच के उसे मृत घोषित कर दिया और शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया. पोस्टमार्टम रुम में कुछ समय बाद युवक को होश आ गया.

पोस्टमार्टम हाउस से भागा युवक

इसके बाद वह खुद को नग्न अवस्था में पोस्टमार्टम रूम के भीतर देखकर घबरा गया और तुरंत वहां से बाहर की ओर भागा. इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. बाद में परिजन भी मौके पर पहुंच गए. पीड़ित युवक का कहना है कि यदि उसे समय पर होश नहीं आता, तो उसका जीवित अवस्था में ही पोस्टमार्टम शुरू हो सकता था, जिससे उसकी जान भी जा सकती थी.

अस्पताल की कार्शैली पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली, चिकित्सकीय जांच प्रक्रिया और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में आक्रोश है. हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन लापरवाही के आरोपों के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. इस घटना ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है.

Related Articles

Back to top button