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हिजबुल्लाह तो सिर्फ ट्रेलर था! ईरान ने मैदान में उतारे 2 नए ‘प्रॉक्सी संगठन’; इजराइल के सीक्रेट ठिकानों पर हमले का मास्टरप्लान, दुनिया में खौफ

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब ईरान से जुड़े दो नए प्रॉक्सी संगठनों का नाम सामने आया है. ये संगठन यूरोप में हमले कर रहे हैं और इजराइल से जुड़े ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. द टाइम्स के अनुसार, उत्तरी लंदन में 23 मार्च को हुए एम्बुलेंस पर हमले में ईरान का हाथ है. हरकत अशहाब अल-यामीन अल-इस्लामिया नाम के संगठन ने टेलीग्राम पर हमले की जिम्मेदारी ली, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

यह घटना सोमवार तड़के लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुई. पुलिस को आग लगने की सूचना मिली. CCTV में तीन लोग एम्बुलेंस में आग लगाते दिखे. ये एम्बुलेंस यहूदी चैरिटी हटजोला की थीं, जो 1979 से फ्री मेडिकल सेवा देती है. आग में 4 एम्बुलेंस जल गईं. गाड़ियों में रखे गैस सिलेंडर फटने से पास की इमारतों की खिड़कियां भी टूट गईं. अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. पुलिस इस मामले को यहूदी विरोधी हेट क्राइम मानकर जांच कर रही है. अभी इसे आतंकी हमला नहीं माना गया है.

यूरोप में और हमलों की धमकी

हरकत अशहाब अल-यामीन अल-इस्लामिया पहले भी यूरोप में हमलों का दावा कर चुका है. इसमें बेल्जियम के लीज शहर में एक सिनेगॉग पर हमला और नीदरलैंड्स के रॉटरडैम और एम्स्टर्डम में धमाके शामिल हैं. इसने मार्च की शुरुआत में अपने अस्तित्व की घोषणा की. पिछले 25 दिनों में, इसने यूरोप भर में कई यहूदी-विरोधी हमलों की जिम्मेदारी ली है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध की शुरुआत के बाद. इस संगठन ने पिछले ही हफ्ते बनाए टेलीग्राम चैनल्स पर कई वीडियो पब्लिश किए हैं.

अर्थक्वेक फैक्शन का इजराइली फैक्ट्री पर हमला

इसी बीच एक और नया संगठन अर्थक्वेक फैक्शन सामने आया है. इस ग्रुप ने 20 मार्च को दावा किया कि उसने चेक गणराज्य में एक इजराइली हथियार फैक्ट्री में आग लगा दी. यह फैक्ट्री चेक डिफेंस कंपनी LLP की थी, जिसने 2023 में इजराइली कंपनी एलिबिट सिस्टम्स के साथ ड्रोन बनाने का समझौता किया था.

क्या है अर्थक्वेक फैक्शन?

अर्थक्वेक फैक्शन खुद को एक इंटरनेशनल सीक्रेट नेटवर्क बताता है. उसका कहना है कि वह उन जगहों को निशाना बनाता है, जो इजराइल के लिए अहम हैं. ग्रुप का आरोप है कि एल्बिट सिस्टम्स के हथियार पहले फिलिस्तीन, लेबनान और ईरान में इस्तेमाल होते हैं, फिर दुनिया में बेचे जाते हैं. इस संगठन ने चेतावनी दी है कि जहां भी एल्बिट सिस्टम्स या उससे जुड़े लोग काम करेंगे, उन्हें निशाना बनाया जाएगा. उनका कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में इजराइली हमले जारी रहेंगे, वे ऐसे हमले करते रहेंगे.

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