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Petrol Diesel Rumor: तेल-गैस की अफवाहों पर सरकार सख्त, सोशल मीडिया से 1 घंटे में हटेगा आपत्तिजनक पोस्ट

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के दौरान पेट्रोल, डीजल और एलपीजी समेत उर्जा क्षेत्र को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर सरकार पूरी तरह से सतर्क है. सरकार ने सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित होने वाली अफवाहों से निपटने के लिए कदम उठाने को तैयार है. सरकार सोशल मीडिया पर इस जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट हटाने की समय सीमा 1 घंटा करेगी. अभी यह समय सीमा 3 घंटे है. इनकी कमी को लेकर फैलाई जा रही ज्यादा तेजी से अफवाहों की वजह से सरकार ने समय सीमा घटाने का फैसला लिया है. सरकार, कंपनियों के साथ अंतिम चर्चा कर इसको लेकर निर्देश जारी करेगी. इसके पहले सरकार ने फरवरी में समय सीमा में बदलाव किया था.

फरवरी में IT मंत्रालय ने ‘सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021’ में संशोधन करने को लेकर अधिसूचना जारी की थी. इन संशोधनों में सबसे ज्यादा विवादित बदलावों में से एक यह है कि अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कंटेंट 2-3 घंटे के भीतर हटाना होगा, जबकि पहले इसके लिए 24-36 घंटे का समय मिलता था.

दूसरे मामलों पर भी सरकार की सख्ती

सरकार सोशल मीडिया पर कंटेंट ब्लॉक करने की अपनी कोशिशों को और तेज कर रही है. दूसरे प्रयासों में ‘अश्लील’ कंटेंट की नई परिभाषा के तहत नए ‘नो-गो’ (वर्जित) क्षेत्रों को शामिल करने की योजनाएं शामिल हैं. इससे निश्चित रूप से, IT अधिनियम की धारा 79 (3)(b) के तहत एक समानांतर कंटेंट ब्लॉक करने के तरीकों का विस्तार भी किया जाना शामिल है. इसका मैनेजमेंट फिलहाल, गृह मंत्रालय के ‘सहयोग’ पोर्टल के जरिए से किया जाता है. हालांकि सरकार की तरफ से इस पर जोर दिया जा रहा है कि वो केवल अवैध कंटेंट पर ही कार्रवाई करती है.

सरकार की तरफ से कहा गया था इस समय-सीमा को इसलिए कम किया गया है क्योंकि उसे कई यूजर्स से यह फीडबैक मिला था कि पिछली समय-सीमाएं बहुत लंबी थीं. वे किसी कंटेंट के तेजी से वायरल होने (virality) को रोक नहीं पाती थीं. एक अधिकारी ने पहले कहा था कि टेक कंपनियों के पास निश्चित रूप से ऐसे तकनीकी साधन हैं जिनसे वे अवैध कंटेंट को पहले की तुलना में कहीं ज्यादा तेजी से हटा सकती हैं.

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