ब्रेकिंग
Maharashtra Rain Havoc: महाराष्ट्र में बारिश बनी काल, लापरवाही के चलते 9 लोगों की दर्दनाक मौत; जानें... How to Get Glass Hair: कोरियन हेयर केयर रूटीन से पाएं स्मूथ, शाइनी और हेल्दी बाल; जानें आसान तरीका Women's T20 World Cup 2026 Final: ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड के बीच खिताबी जंग, जानें विजेता टीम को म... Bollywood News: अक्षय कुमार की कमाई का नया जरिया, मुंबई में करोड़ों की प्रॉपर्टी बेचकर कमाए भारी मुना... Mental Health Crisis: युद्ध के मैदान से लौटे सैनिकों में PTSD का खतरा, इजराइल में 1 लाख तक पहुंच सकत... Crude Oil Prices: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का पेट्रोल-डीजल पर असर, सरकार ने साफ की स्थिति WhatsApp, Telegram & Signal News: यूजरनेम फीचर पर बढ़ी सरकार की सख्ती, फ्रॉड के डर से मांगा जवाब Budh Margi 2026: 25 जुलाई को बुध अपनी ही राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सावधा... Benefits of Oats: ओट्स खाने के जबरदस्त फायदे, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर नाश्ते के लिए अपनाएं ये तरीक... Etah Road Accident: एटा में भीषण सड़क हादसा, सड़क किनारे खड़ी बस को कंटेनर ने मारी टक्कर; 5 की मौत, ...
देश

India on Hormuz Crisis: होर्मुज जलडमरूमध्य से 4 भारतीय जहाज सुरक्षित भारत पहुंचे, विदेश मंत्रालय ने ऊर्जा सुरक्षा पर दिया बड़ा बयान

होर्मुज से 4 भारतीय जहाज़ सुरक्षित पार कर चुके हैं. भारत लगातार संबंधित देशों के संपर्क में है ताकि भारतीय जहाज़ों का सुरक्षित ट्रांजिट सुनिश्चित हो सके. ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भारत का दृष्टिकोण व्यापक है और बाज़ार की परिस्थितियों को ध्यान में रखा जा रहा है. ऊर्जा जरूरतों के लिए कई विकल्पों पर एक साथ काम किया जा रहा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने पहले भी जानकारी दी थी कि उसके जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर रहे हैं. हाल ही में 4 भारतीय जहाज, जो एलपीजी से लदे थे, सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारत पहुंच चुके हैं. भारत सभी संबंधित देशों के संपर्क में बना हुआ है ताकि जहाजों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके. ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार समन्वय किया जा रहा है.

दूसरी ओर, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फ्रांस में हुई G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में कई अहम मुद्दे उठाए. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की जरूरत पर जोर दिया गया. मानवीय सहायता आपूर्ति (humanitarian supply chain) को मजबूत करने की बात कही गई.

पश्चिम एशिया युद्ध के कारण ग्लोबल साउथ पर पड़ रहे असर को उठाया गया. IMEC (India-Middle East-Europe Corridor) और कनेक्टिविटी को लेकर भारत का दृष्टिकोण साझा किया गया. भारत द्वारा किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) का भी उल्लेख किया गया. भारत ने अमेरिका द्वारा आयोजित होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने की इच्छा जताई है. भारत इस मंच को वैश्विक सहयोग और आर्थिक मुद्दों पर अहम मानता है.

ऊर्जा स्रोतों पर भारत का रुख

  • भारत की ऊर्जा नीति एक व्यापक और संतुलित दृष्टिकोण पर आधारित है.
  • निर्णय तीन प्रमुख आधारों पर लिए जाते हैं:

  1. 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना
  2. अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति (मार्केट डायनेमिक्स)
  3. वैश्विक हालात (ग्लोबल सिचुएशन)

  • ये तीनों कारक ऊर्जा खरीद से जुड़े फैसलों को दिशा देते हैं.

तेल खरीद पर स्पष्टता

  • भारत किन देशों से तेल और गैस खरीदता है, यह तकनीकी और व्यावसायिक विषय है.
  • इस पर विस्तृत जानकारी के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ही उचित प्राधिकरण है.

कुल 24 भारतीय जहाज होर्मुज में मौजूद

  • इनमें से 4 जहाज़ सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुके हैं.
  • बाकी जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही के लिए लगातार निगरानी की जा रही है.
  • संबंधित देशों के साथ केस-बाय-केस आधार पर बातचीत जारी है.
  • स्थिति संवेदनशील है, लेकिन सरकार लगातार संपर्क और समन्वय बनाए हुए है.

वेस्ट एशिया पर सर्वदलीय बैठक

  • दिल्ली में वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई.
  • यह बैठक बंद कमरे (closed-door) में हुई थी, इसलिए इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई.

पाकिस्तान के रुख पर टिप्पणी

  • वैश्विक संघर्षों और तनावों पर पाकिस्तान के रुख को लेकर सवाल उठाए गए.
  • इस संदर्भ में पाकिस्तान के ही नेताओं के बयानों का हवाला देने को कहा गया, जिनमें शामिल हैं:
  • Khwaja Asif
  • Bilawal Bhutto
  • Imran Khan

पाकिस्तान के परमाणु बयान पर प्रतिक्रिया

  • पाकिस्तान की ओर से भारत पर परमाणु हमले की धमकी से जुड़े बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी गई.
  • कहा गया कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों से जुड़े खतरों से पूरी दुनिया वाकिफ है.
  • इस तरह की बयानबाजी को गैर-जिम्मेदाराना और चिंताजनक माना गया.

ब्रिक्स (BRICS) और वेस्ट एशिया युद्ध

  • वेस्ट एशिया में जारी युद्ध को लेकर ब्रिक्स देशों के बीच बातचीत जारी है.
  • ब्रिक्स का तरीका सहमति (consensus) पर आधारित है.
  • सभी सदस्य देश मिलकर सामूहिक रुख तय करते हैं.

G7 बैठक में विदेश मंत्री की भागीदारी

  • विदेश मंत्री S. Jaishankar पेरिस में G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हैं.
  • उन्होंने फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, जापान और ब्राज़ील के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें की हैं.
  • यह कूटनीतिक बातचीत अभी भी जारी है.

ग्लोबल गवर्नेंस पर भारत का पक्ष

  • एक सत्र में ग्लोबल गवर्नेंस पर भारत का दृष्टिकोण रखा गया.
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया.
  • शांति स्थापना (peacekeeping) अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने की बात कही गई.
  • मानवीय सहायता आपूर्ति (humanitarian supply chains) को मजबूत करने पर बल दिया गया.

वैश्विक चुनौतियों पर चिंता

  • खाद्य, ईंधन और उर्वरक (food, fuel, fertiliser) से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया.
  • कहा गया कि युद्ध और संघर्ष का इन क्षेत्रों पर वैश्विक स्तर पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है.

गैस संकट के बीच खाद आपूर्ति पर सरकार का स्पष्टीकरण

  • सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक गैस सप्लाई में आई बाधाओं के बावजूद देश में खाद उत्पादन और उपलब्धता प्रभावित नहीं होने दी जाएगी.
  • 9 मार्च 2026 को Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 लागू किया गया, जो Essential Commodities Act के तहत है.
  • सरकार के मुताबिक, खाद कारखानों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें Priority Sector-II में रखा गया और गैस सप्लाई को शुरुआती तौर पर पिछले 6 महीनों के औसत का लगभग 65% सुनिश्चित किया गया.
  • आगे सप्लाई बढ़ाने के लिए EPMC प्रक्रिया के तहत करीब 7.31 MMSCMD अतिरिक्त गैस की व्यवस्था की गई, जिससे कुल गैस उपलब्धता बढ़कर लगभग 80% तक पहुंच गई.
  • सरकार ने बताया कि 1 मार्च से 24 मार्च 2026 के बीच:
  • 13.55 LMT यूरिया
  • 7.62 LMT DAP/NPK
  • 3.06 LMT SSP का उत्पादन हुआ.
  • सरकार के अनुसार, हर फसल सीजन से पहले राज्यों की जरूरत का आकलन कर आपूर्ति की योजना बनाई जाती है और उसकी लगातार निगरानी की जाती है.
  • 23 मार्च 2026 तक देश में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है:
  • यूरिया: 53.08 LMT
  • DAP: 21.80 LMT
  • MOP: 7.98 LMT
  • NPK: 48.38 LMT

ऊर्जा सुरक्षा और तेल-गैस सप्लाई

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ग्लोबल डायनेमिक्स और घरेलू आवश्यकताओं दोनों को ध्यान में रख रहा है. कच्चे तेल और गैस की खरीद का फैसला पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है. रूस से कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई जारी है. ईरान से कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

बांग्लादेशपाकिस्तान विवाद (1971 मुद्दा) पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि 1971 के नरसंहार के लिए पाकिस्तानी सेना जिम्मेदार थी. पाकिस्तान अब भी इस मुद्दे पर इनकार की स्थिति में है. यह बयान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के हालिया ट्वीट और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के संदर्भ में आया.

Related Articles

Back to top button