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Health Alert: बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम और हार्ट हेल्थ; स्टडी में सामने आया बड़ा खतरा

आज के डिजिटल दौर में बच्चों का स्क्रीन से जुड़ाव तेजी से बढ़ता जा रहा है. मोबाइल, टीवी, टैबलेट और वीडियो गेम अब उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. जहां एक तरफ ये गैजेट्स बच्चों को एंटरटेनमेंट और सीखने के नए मौके देते हैं, वहीं दूसरी तरफ इनका ज्यादा इस्तेमाल उनकी सेहत पर गंभीर असर डाल रहा है. हाल ही में आई एक स्टडी ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है, जिसमें दावा किया गया है कि जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों की हार्ट हेल्थ पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.

दरअसल, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठने से बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, जिससे उनका शरीर धीरे-धीरे सुस्त होने लगता है. इसके साथ ही अनियमित दिनचर्या, नींद की कमी और गलत खानपान जैसी आदतें भी जुड़ जाती हैं, जो दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती हैं. चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं स्टडी में क्या-क्या बताया गया है और बच्चों को स्क्रीन टाइम से दूर कैसे करें.

क्या कहती है स्टीड ?

Journal of the American Heart Association की स्टडी के मुताबिक, अध्ययन में पाया गया कि जितना ज्यादा समय बच्चे मोबाइल, टीवी या अन्य स्क्रीन के सामने बिताते हैं, उतना ही उनके दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. इन समस्याओं में हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी स्थितियां शामिल हैं. शोध के अनुसार, छोटे बच्चों पर इसका असर ज्यादा गंभीर देखा गया, क्योंकि उनका शरीर अभी ग्रोथ की स्टेज में होता है. साथ ही यह भी सामने आया कि पर्याप्त नींद लेने से स्क्रीन टाइम के कुछ नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है. बता दें कि, डेनमार्क के शोधकर्ताओं ने 1,000 से ज्यादा बच्चों और किशोरों के डेटा का विश्लेषण करके यह समझने की कोशिश की है.

स्क्रीन से दूरी कितनी जरूरी?

इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चों को पूरी तरह स्क्रीन से दूर कर दिया जाए, क्योंकि आज के समय में यह लगभग असंभव है. लेकिन माता-पिता को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे कितना समय स्क्रीन पर बिता रहे हैं. बीच-बीच में ब्रेक दिलाना, बाहर खेलने के लिए प्रेरित करना और पूरी नींद सुनिश्चित करना बच्चों के दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है.

कैसे कम करें स्क्रीन टाइम

बच्चों के स्क्रीन से दूर करना इस समय किसी चैलेंज से कम नहीं है. कई बच्चे तो ऐसे हैं, जो खाना खाते वक्त भी मोबाइल या टीवी देखते हैं. लेकिन चिंता की बात नहीं है . कुछ आसान तरीकों आप बच्चे का स्क्रीन टाइम कम करवा सकते हैं. चलिए जानते हैं उनके बारे में.

धीरे-धीरे सीमाएं तय करें- एकदम से स्क्रीन बंद करना सही तरीका नहीं है. रोज के समय में थोड़ा-थोड़ा (जैसे 30 मिनट) कम करें और धीरे-धीरे आदत बदलें.

स्क्रीन टाइम को इनाम बनाएं- स्क्रीन टाइम को सीधे देने के बजाय इसे कमाने का मौका दें. जैसे, होमवर्क या घर के छोटे काम के बाद ही स्क्रीन इस्तेमाल करने दें.

ऑप्शन तैयार रखें- बच्चों को बोर होने से बचाने के लिए बोर्ड गेम, पेंटिंग, पजल या आउटडोर गेम जैसे मजेदार ऑप्शन दें. इससे बच्चा बोर भी नहीं होगा और स्क्रीन से दूरी भी बनाने में आसानी होगी.

खुद उदाहरण बनें- बच्चे वही सीखते हैं जो वे देखते हैं. अगर आप हमेशा फोन पर रहेंगे, तो बच्चे भी वैसा ही करेंगे. परिवार के साथ ‘नो फोन टाइम’ बनाएं.

स्क्रीन-फ्री जगह तय करें- घर में कुछ जगहों को स्क्रीन-फ्री बनाएं, जैसे बेडरूम और डाइनिंग टेबल. इससे नींद बेहतर होती है और परिवार के साथ समय बढ़ता है.

बच्चों को एक्टिव रखें- बच्चों को बाहर खेलने, साइकिल चलाने या परिवार के साथ वॉक पर जाने के लिए प्रेरित करें. इससे उनका ध्यान स्क्रीन से हटेगा और सेहत भी अच्छी रहेगी.

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