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हरिद्वार में अस्थि विसर्जन के लिए सरकार की मिली मंजूरी, 3 लोगों को आने की इजाजत

नई दिल्ली/डेस्क। कोरोना संकट की वजह से उत्तराखण्ड सरकार ने सोशळ डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए हरिद्वार में अस्थि विर्सजन पर रोक लगा दी थी। जिसे अब दोबारा से सरकार ने बहाल कर दिया है। अब फिर से हरिद्वार में अस्थि विसर्जन हो सकेगा। उत्तराखंड कैबिनेट ने अस्थि विसर्जन पर अपनी सहमति दे दी है। अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार आने वालों को सम्बंधित जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। यह अनुमति ड्राइवर समेत तीन लोगों के लिए ही होगी।

कोरोना के चलते क्षेत्र को किया गया था सील
कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते हरिद्वार में हरकी पौड़ी क्षेत्र को सील कर दिया गया था। बाद में हरिद्वार के जिलाधिकारी सी रविशंकर की ओर से मुख्य सचिव के माध्यम से दूसरे राज्यों को पत्र लिखा गया था कि हरिद्वार में अस्थि विसर्जन के लिए कोई भी अनुमति जारी नहीं की जाए। अस्थि विसर्जन के लिए आने वाले लोगों को राज्य की सीमा पर ही रोका जा रहा था।हालांकि कुछ लोग गोपनीय तौर पर गंगा के अन्य घाटों पर अस्थि विसर्जन कर रहे थे लेकिन अधिकारिक तौर पर हरिद्वार में अस्थि विसर्जन की अनुमति नहीं थी।

कल रात लिया गया निर्णय
वीरवार की रात राज्य कैबिनेट ने अस्थि विसर्जन की अनुमति दे दी है।गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि उनकी ओर से कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के माध्यम से यह मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई थी।कैबिनेट ने उनकी मांग पर अपनी सहमति दी है।तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने बताया कि अपने जिला प्रशासन से अनुमति लेकर श्रद्धालु सीधे अपने पुरोहित के पासआएँ और अपने प्रियजन के अस्थि कलश का प्रवाह कर सकते हैं।

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