ब्रेकिंग
Kokrajhar Medical College Update: हॉस्टल का खाना खाने से बिगड़ी 60 छात्राओं की तबीयत, अस्पताल में चल... Varanasi Visitor Statistics: वाराणसी में लगातार बढ़ रहा देश-विदेश के पर्यटकों का आंकड़ा, स्थानीय अर्... Ravi Kishan and Councillor Viral Audio: जल निकासी की समस्या को लेकर सांसद रवि किशन पर भड़के पार्षद, ... Munger Mirzachouki Greenfield Highway: निर्माणाधीन फोरलेन सड़क पर फिर दिखी 50 मीटर लंबी दरार, स्थानी... Bijnor Police Investigation: हरिद्वार घुमाने ले गया और फिर दुपट्टे से घोंट दिया गला, बिजनौर में महिल... Motihari Crime and Police News: शराब पीने के आरोप में पकड़े गए युवक को लाठी से पीटने का वीडियो आया स... LDA Action in Lucknow: सड़क की मरम्मत करने की बजाय चादर और पॉलीथिन से ढंका गया गड्ढा, एलडीए की कार्य... West Bengal News: टीएमसी नेता कुणाल घोष पर 18 घंटे में दूसरी बार हमला, अभिषेक बनर्जी ने राज्यपाल से ... Rajasthan News: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) चुनाव में सियासी घमासान, अध्यक्ष पद पर आमने-सामने दो... MP Political News: वरिष्ठ नेता तरुण कुमार गोले को मिली बड़ी जिम्मेदारी, मध्य प्रदेश के लिए FCI सलाहक...
देश

क्या है कोरोना का नया Cicada वैरिएंट? जानें इसके लक्षण और भारत पर पड़ने वाला असर

क्या हम कोरोना से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं? शायद नहीं. जब हमें लगता है कि सब कुछ सामान्य हो गया है, तभी वायरस का एक नया रूप दुनिया की दहलीज पर दस्तक दे देता है. इस बार चर्चा में है ‘Cicada’. अब बात करेंगे सिकाडा की. आपको लग रहा होगा ‘सिकाडा’ किसी कीड़े का नाम होगा. असल में ये COVID-19 के उस नए वेरिएंट का निकनेम है, जो अमेरिका में जंगल की आग की तरह फैल रहा है.

वैज्ञानिक इसे तकनीकी भाषा में BA.3.2 कह रहे हैं. लेकिन क्या ये सिर्फ अमेरिका की समस्या है? बिल्कुल नहीं. खबर है कि भारत में भी INSACOG ने नए वेरिएंट XFG के 163 मामले दर्ज किए हैं. आज के इस विशेष शो में हम फैक्ट्स के साथ समझेंगे कि ये ‘Cicada’ वेरिएंट क्या है और आपको इससे कितना डरने या एहतियात रखने की जरूरत है. सबसे पहले जानते हैं कि ये वेरिएंट कहा से आया है? BA.3.2 असल में Omicron का ही एक वंशज (Descendant) है. ओमिक्रॉन वही वेरिएंट था जिसने 2021 के आखिर में पूरी दुनिया को हिला दिया था. लेकिन BA.3.2 पिछले वेरिएंट्स के मुकाबले काफी अलग है.

नवंबर 2024 से अफ्रीका से फैलना हुआ शुरू

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके Spike Protein में 70 से 75 आनुवंशिक बदलाव (Genetic Changes) देखे गए हैं. स्पाइक प्रोटीन वायरस का वो हिस्सा होता है जो हमारे शरीर की कोशिकाओं में घुसने में मदद करता है. अब चुनौती ये है कि हमारी वैक्सीन इसी स्पाइक प्रोटीन को पहचान कर हमला करना सीखती हैं, लेकिन जब प्रोटीन ही इतना बदल जाए, तो वैक्सीन इसे पहचानने में धोखा खा सकती है. इस वेरिएंट का सफर कहां से शुरू हुआ? शोधकर्ताओं ने सबसे पहले BA.3.2 को नवंबर 2024 में अफ्रीका में पहचाना था. साल 2025 में इसने अपनी वैश्विक यात्रा शुरू की और फरवरी 2026 तक यह दुनिया के 23 देशों में पैर पसार चुका था.

अमेरिका के 29 राज्यों में इसका असर

अमेरिका में इसका पहला मामला जून 2025 में एक यात्री में मिला था. आज स्थिति ये है कि अमेरिका के 29 राज्यों के ‘Wastewater’ यानी सीवेज के पानी की निगरानी में इस वेरिएंट के निशान मिल रहे हैं. सीवेज मॉनिटरिंग वेरिएंट के फैलाव को समझने का सबसे सटीक तरीका माना जाता है, और आंकड़े बता रहे हैं कि ये वेरिएंट बहुत चुपके से (Under the radar) फैल रहा है. अब सवाल ये है कि ये वेरिएंट अलग क्यों है? इसे एक उदाहरण से समझिए. मान लीजिए आप अपने स्कूल के 25 साल पुराने रियूनियन में जाते हैं. वहां आपको पुराने दोस्त मिलते हैं, लेकिन किसी का वजन बढ़ गया है, किसी ने बाल डाई कर लिए हैं और कोई लेंस लगा रहा है. आप उन्हें पहचान लेंगे, लेकिन उसमें थोड़ा समय लगेगा.

क्या BA.3.2 पुराने वेरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक? इन पर ज्यादा असर

ठीक यही हमारे इम्यून सिस्टम और इस नए वेरिएंट के साथ हो रहा है. हमारी मौजूदा वैक्सीन JN.1 वंश के वेरिएंट्स को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं. लेकिन BA.3.2 यानी ‘Cicada’ हमारे इम्यून सिस्टम के लिए एक ‘अजनबी’ की तरह है. बदलाव इतने ज्यादा हैं कि शरीर का डिफेंस सिस्टम इसे पहचानने में देरी कर देता है, और इसी देरी का फायदा उठाकर वायरस हमें संक्रमित कर देता है. तो क्या हमें पैनिक करना चाहिए? पल्मोनरी और क्रिटिकल केयर डॉक्टर्स का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि BA.3.2 पुराने वेरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक है या इससे ज्यादा गंभीर बीमारी होती है. लेकिन, संक्रमण की रफ्तार तेज होने का मतलब है कि यह ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है.

Related Articles

Back to top button