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उत्तरप्रदेश

कानपुर किडनी कांड: हैलट से लखनऊ शिफ्ट किए गए मरीज! 3 अस्पतालों पर गिरी गाज, प्रशासन ने किया सील

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित हैलट हॉस्पिटल (लाला लाजपत राय अस्पताल) में भर्ती किडनी प्रत्यारोपण के रिसीवर पारुल तोमर और डोनर आयुष चौधरी को गुरुवार, लखनऊ रेफर कर दिया गया. दो डॉक्टरों की टीम के साथ दोनों मरीजों को एम्बुलेंस से राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल (RMLH) के लिए रवाना किया गया. अब इन दोनों का इलाज लखनऊ के RMLH के नेफ्रोलॉजी विभाग में किया जाएगा. इससे पहले दोनों कानपुर के हैलेट अस्पताल में भर्ती थे जहां किडनी ट्रांसप्लांट से संबंधित इलाज की सुविधा ना होने के बावजूद डॉक्टर्स की टीम पूरी मेहनत से दोनों का इलाज कर रही था.

कानपुर के किडनी कांड से संबंधित डोनर आयुष और रिसीवर पायल को इस कांड का भंडाफोड़ होने के बाद हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया था. गौरतलब है कि यहां पर किडनी ट्रांसप्लांट और उसके बाद के इलाज की सुविधा मौजूद नहीं है. इसके बावजूद डॉक्टर्स की टीम ने दोनों का इलाज किया और बेहतर तथा स्पेशलाइज्ड इलाज के लिए लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेज दिया गया.

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने क्या कहा?

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय काला ने बताया कि दोनों मरीजों को बेहतर इलाज के मद्देनजर किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMC), संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट (SGPGI) और RMLH से भर्ती की अनुमति मांगी थी. बुधवार देर रात RMLH के डायरेक्टर ने मरीजों को एडमिट करने की मंजूरी दे दी. इसके बाद तुरंत रेफरल की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. डॉ. काला ने स्पष्ट किया कि हमारे यहां दोनों की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा था, लेकिन बेहतर और विशेषज्ञ इलाज सुनिश्चित करने के लिए उन्हें लखनऊ भेजने का फैसला लिया गया.

क्यों लखनऊ रेफर किया गया?

उन्होंने बताया कि ऐसे मरीजों के लिए किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट होती है, आईसीयू होता है और विशेषज्ञ स्टाफ भी होता है जो सुविधा फिलहाल यहां नहीं है. इसके बावजूद डॉक्टर्स की टीम ने दिन रात एक करके पायल का क्रिएटनीन 3.9 से 1.8 पर ले आए. ट्रांसफर के दौरान मरीजों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया. एम्बुलेंस में दो डॉक्टर, एक नर्स और एक वार्ड बॉय के अलावा नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और NSS के सीनियर डॉक्टर भी साथ थे. पुलिस को इसकी पूरी जानकारी दे दी गई है ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो.

इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. गुरुवार को अहूजा हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया. दोनों अस्पतालों को तीन दिन के अंदर अपना पूरा सामान हटाने का आदेश दिया गया है. इससे एक दिन पहले ही मेड लाइफ हॉस्पिटल को सील कर दिया गया था.

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