कोरोना का खौफ : भीषण गर्मी के बीच महाराष्ट्र से पैदल ही घर को निकल पड़े हजारों मजदूर

मुंबई। कोरोना से बुरी तरह प्रभावित महाराष्ट्र से पिछले कुछ दिनों से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। औरंगाबाद हादसे के कारण इन प्रवासी मजदूरों की त्रासदी पर लोगों का ध्यान अब गया है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच उचित तालमेल न होने से इन मजदूरों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य महानगरों से श्रमिक बड़ी संख्या में अपने मूल राज्यों के लिए पैदल ही निकल पड़े हैं।
एकओर जहां अन्य राज्यों से श्रमिकों से भरी हुई ट्रेनें उत्तर प्रदेश और बिहार जा रही हैं, वहीं महाराष्ट्र से श्रमिकों को सुरक्षित भेजने का रास्ता अभी भी साफ नहीं हो सका है। माना जा रहा है कि राज्य सरकारों और केंद्र के बीच आपसी तालमेल नहीं बन पाने की वजह से प्रवासी कामगारों को वाहनों से सुरक्षित उनके घर भेजने का रास्ता नहीं निकल पा रहा है। कोरोना की सबसे गंभीर स्थिति मुंबई में ही है जिसे देखते हुए अभी तक मुंबई से कोई ट्रेन शुरू नहीं की गई है।
कहीं बीमारी की चपेट में नहीं आ जाएं इस डर से लाखों श्रमिक मुंबई से उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए निकल पड़े हैं। मुंबई से मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले नासिक हाइवे पर लाखों श्रमिकों को पैदल ही जाते हुए देखा जा सकता है। मालूम हो कि भीषण गर्मी के बीच महाराष्ट्र से पैदल आ रहे यूपी के दो प्रवासी मजदूरों की शुक्रवार को रास्ते में मौत भी हो गई। इससे पहले लॉकडाउन के कारण पैदल अपने गांव के लिए निकले 16 मजदूर ट्रेन से कटकर जान गवां बैठे।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में भी लगातार तीसरे दिन हजार से ज्यादा नए केस सामने आए हैं। महाराष्ट्र में और 1,089 नए मामले मिले जिसके साथ संक्रमितों की संख्या 19,063 हो गई है। अब तक 731 लोगों की मौत हो चुकी है। मुंबई की धारावी बस्ती में आठ सौ से ज्यादा संक्रमित हो गए हैं। नए मामलों में मुंबई 748 केस शामिल हैं और महानगर में संक्रमितों का आकड़ा 11,967 हो गया है। पुणे में महाराष्ट्र स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स के और 15 जवान संक्रमित मिले हैं।






