ब्रेकिंग
BSF Attari Border News: अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी का नया शेड्यूल जारी; शाम 5:30 बजे शुरू होगी पर... Batala Viral Video: गुरु नानक देव जी के विवाह पर्व में ट्रैक्टर स्टंट पड़ा भारी; तेज रफ्तार में पलटा... Dubai Visa Fraud: 90 हजार में दुबई भेजा, छीना पासपोर्ट और मुर्गीखाने में रखा! जालंधर के पीड़ित ने सु... Amritsar Flooding Alert: तरनतारन रोड के पास नहर टूटने से मचा हड़कंप; मिट्टी की बोरियों से दरार भरने ... Punjab Gold Silver Price Today: पंजाब में उछले सोना-चांदी के दाम; जालंधर में 24 कैरेट सोना ₹1.58 लाख... Ferozepur Central Jail: केंद्रीय जेल फिरोजपुर में फिर चला तलाशी अभियान; 10 और मोबाइल फोन बरामद, कैदि... Etah Fake University Scam: एटा में चायवाले के नाम पर चल रही थी फर्जी यूनिवर्सिटी; भेद खुला तो प्रिंस... Bihar Flood Relief: सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दी एक महीने की सैलरी; नितिन नब... Durg News Today: फेसबुक पोस्ट पर बवाल; भिलाई-3 थाने पहुंचे कांग्रेसी, भाजयुमो नेता पर FIR और गिरफ्ता... Agra Mahakumbh Ambikapur: सीएम विष्णु देव साय ने किया 'अग्र महाकुंभ 2026' का शुभारंभ; अग्रवाल समाज क...
पंजाब

सुखबीर बादल ने CM भगवंत मान को घेरा, ओलावृष्टि से खराब हुई फसल पर मुआवजा दे सरकार

चंडीगढ़/पंजाब: अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल ने मुख्यमंत्री Bhagwant Mann और Aam Aadmi Party पर तीखा हमला बोला है। अपने ट्वीट में उन्होंने हाल ही में ओलावृष्टि से खराब हुई गेहूं की फसल को लेकर किसानों के लिए तुरंत 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह वादा आम आदमी पार्टी ने 2022 के चुनावी घोषणा पत्र में किया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया।

सुखबीर बादल ने कहा कि Shiromani Akali Dal की ओर से गेहूं और धान पर आढ़तियों के लिए एमएसपी पर 2.5% कमीशन बहाल करने की भी जोरदार मांग की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से उठाने में नाकाम रहे हैं और अपनी विफलता स्वीकार करने के बजाय आढ़तिया समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इसके अलावा, सुखबीर ने मोगा में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसान सिर्फ मुख्यमंत्री से मिलकर यह सवाल पूछना चाहते थे कि शंभू और खनौरी धरना स्थलों से उनकी ट्रॉलियां क्यों उठाई गईं। अंत में उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मुख्यमंत्री जनता का सामना करने से क्यों बच रहे हैं।

Related Articles

Back to top button