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लुधियाना विक्रमजीत मामला: सास की अग्रिम जमानत याचिका नामंजूर, कोर्ट की सख्त टिप्पणी- जांच में सहयोग जरूरी

लुधियाना: विक्रमजीत आत्महत्या मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी अपडेट सामने आया है। कोर्ट ने आरोपी पक्ष की अग्रिम जमानत याचिका को फिलहाल खारिज कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लुधियाना जगदीप सूद द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया कि जब तक फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक आरोपियों की गिरफ्तारी आवश्यक नहीं मानी गई है।

कोर्ट में जांच अधिकारी (IO) के बयान के आधार पर अग्रिम जमानत याचिका को “इंफ्रक्टुअस” मानते हुए खारिज किया गया। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि FSL रिपोर्ट आने के बाद यदि गिरफ्तारी की जरूरत पड़ी तो पहले आरोपियों को सूचित किया जाएगा और उन्हें 3 दिन का समय दिया जाएगा ताकि वे कानूनी उपाय कर सकें। यह आदेश 10 अप्रैल 2026 को सुनाया गया।

इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। एक ओर जहां कोर्ट के फैसले को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर परिवार अब भी जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग पर अड़ा हुआ है। गौरतलब है कि 28 मार्च से इस मामले को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। कैंडल मार्च, धरना और सीपी ऑफिस घेराव तक लोगों ने इंसाफ की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है।

न्यूज इम्पैक्ट

इस फैसले के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। शहर में विरोध प्रदर्शन तेज होने की संभावना बढ़ गई है और प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव भी साफ नजर आ रहा है। अगर FSL रिपोर्ट में देरी होती है या गिरफ्तारी नहीं होती, तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन और उग्र हो सकता है। वहीं, पुलिस और प्रशासन के लिए यह मामला अब संवेदनशील बन चुका है, जहां हर कदम सोच-समझकर उठाना होगा।

पूरा मामला 

आपको बता दें कि, घरेलू क्लेश के चलते युवक विक्रमजीत ने अपनी पत्नी की कथित प्रताड़ना और मानसिक परेशानी के चलते मौत को गले लगा लिया था। युवक ने पंखे से चुन्नी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने मृतक की मां सरबजीत कौर की शिकायत पर आरोपी पत्नी काजल और राज रानी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया था।

मृतक विक्रमजीत की मां ने बताया था कि उनके बड़े बेटे विक्रमजीत की शादी काजल नाम की युवती के साथ हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही काजल ने विक्रमजीत को मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया था। छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करना और घर में क्लेश रखना उसकी आदत बन गई थी। पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि काजल अपने मायके में रह रही थी। पत्नी के दूर जाने और बार-बार मिलने वाली मानसिक प्रताड़ना से विक्रमजीत बुरी तरह टूट चुका था। आखिरकार तंग आकर कमरे के भीतर चुन्नी से फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

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