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छत्तीसगढ़

Summer 2026: भीषण गर्मी के बीच देसी फ्रिज की बढ़ी डिमांड, बाजार में छाए मिट्टी के मटके

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: इन दिनों गर्मी लगातार अपने तेवर दिखा रही है. तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. भीषण गर्मी के बीच जहां लोग राहत के उपाय तलाश रहे हैं, वहीं पारंपरिक साधनों की ओर उनका रुझान तेजी से बढ़ा है. खासकर देसी फ्रिज कहे जाने वाले मिट्टी के मटकों की मांग इस बार काफी बढ़ गई है.

चांदिया से पहुंचे कुम्हार, तीन महीने तक करेंगे कारोबार

हर साल की तरह इस बार भी चांदिया क्षेत्र से कुम्हार समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मटके लेकर मनेन्द्रगढ़ पहुंचे हैं. ये कुम्हार गर्मी के मौसम में यहां अस्थायी डेरा डालकर मटकों की बिक्री करते हैं और जून माह तक व्यापार कर वापस अपने घर लौट जाते हैं.

पारंपरिक मटकों के साथ डिजायनर मटके भी

इस बार बाजार में पारंपरिक मटकों के साथ नए डिजाइन भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. कुम्हारों द्वारा तैयार किए गए नल लगे मटके, मिट्टी की बोतलें और अन्य उपयोगी सामान लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं. खासकर नल वाले मटके घरों और दुकानों में ज्यादा मांग में हैं, क्योंकि इनमें पानी निकालना आसान होता है और स्वच्छता भी बनी रहती है.

चांदिया से आए कुम्हार रूपलाल ने बताया कि वे पिछले 10-15 वर्षों से हर गर्मी में मनेन्द्रगढ़ आकर मटके बेचते हैं. इस बार वे करीब 300 मटके लेकर आए हैं, जो खत्म होने पर फिर से मंगाए जाएंगे.

मिट्टी के मटके हाथ से बनते हैं और इनका पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है-रूपलाल कुम्हार, दुकानदार, एमसीबी

वहीं कुम्हार मुकेश प्रजापति ने बताया कि वे 5-6 वर्षों से इस व्यवसाय में हैं और पिकअप के माध्यम से मटके लाकर बेचते हैं. उन्होंने बताया कि इस बार नल वाले मटकों की मांग ज्यादा है. नल वाले मटके की कीमत 180 रुपये, बिना नल के 160 रुपये और छोटे मटके 120 रुपये में बिक रहे हैं. इसके अलावा दही जमाने वाले बर्तन, मिट्टी की बोतलें और पक्षियों के लिए पानी के बर्तन भी बिक्री में शामिल हैं.

मटके का पानी ठंडा और शुद्ध होता है, इसलिए लोग इसे ‘देसी फ्रिज’ के रूप में पसंद कर रहे हैं-मुकेश प्रजापति, दुकानदार, एमसीबी

घड़ों की अच्छी बिक्री से कुम्हार खुश

बढ़ती गर्मी जहां लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है, वहीं कुम्हारों के लिए यह रोजगार का अच्छा अवसर साबित हो रही है. पारंपरिक हुनर से जुड़े ये कारीगर गर्मी के मौसम में अच्छी आमदनी कर रहे हैं.

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