Delhi VIP Theft News: राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के सरकारी आवास में चोरी, गटर का ढक्कन और नल गायब

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अत्यंत सुरक्षित माने जाने वाले वीआईपी इलाके फिरोजशाह रोड स्थित राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के सरकारी आवास में चोरी की एक अजीबोगरीब और चौंकाने वाली घटना सामने आई है।
कोठी नंबर 18 में चोरी की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बारीकी से जांच शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो वहां से उंगलियों के निशान और अन्य साक्ष्य जुटा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को सुबह इस संबंध में कॉल मिली थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घर के बाथरूम से नल (टैब), कुछ जरूरी सामान और यहां तक कि परिसर के भीतर से गटर का ढक्कन तक चोरी कर लिया गया है।
🔍 खाली थी कोठी, सीपीडब्ल्यूडी और सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच में जुटी पुलिस
जांच-पड़ताल और शुरुआती खुलासे से जुड़े मुख्य बिंदु:
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घर खाली होने के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं: चूंकि सांसद की यह कोठी फिलहाल खाली थी, इसलिए यह वास्तव में क्या-क्या चोरी हुआ है, इसकी सही जानकारी परिवार के सदस्यों के दिल्ली लौटने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
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अनोखी चोरी की पड़ताल: पुलिस सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) के संपर्क में यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर कोई गटर का ढक्कन और बाथरूम की टोटी जैसी भारी या फिक्स चीजें कैसे और कौन उठाकर ले जा सकता है। सांसद के परिजन शाम तक दिल्ली पहुंचेंगे, जिसके बाद ही पूरी सूची सामने आ सकेगी।
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सीसीटीवी कैमरों की खंगाली जा रही फुटेज: पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरो की फुटेज को खंगालने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोर किस रास्ते से वीआईपी परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने किस समय इस वारदात को अंजाम दिया।
🛡️ वीआईपी इलाके की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल: कड़ी चौकसी के बावजूद सेंध
इस घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
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सुरक्षा घेरे में सेंध: यह इलाका देश के सबसे वीआईपी और सुरक्षित क्षेत्रों में शुमार है, जहां सांसदों और दिग्गज हस्तियों का निवास होता है। यहाँ चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं।
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खुफिया एजेंसियों और गश्त पर सवाल: इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद चोरों का वीआईपी कोठी के अंदर तक घुस जाना और परिसर के गटर के ढक्कन तक उड़ा ले जाना स्थानीय पुलिस की गश्त, नाइट पेट्रोलिंग और खुफिया तंत्र की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है।





