Palamu Police News: पलामू पुलिस की हाईटेक पहल; नक्सल और अपराध रोकने के लिए 650 जगहों पर चिपकाए QR कोड

पलामू: नक्सल, अपराध और चोरी जैसी घटनाओं के खिलाफ पलामू पुलिस ने हाईटेक तरीके से कार्रवाई करने की योजना तैयार की है. पूरे जिले में 650 इलाके चिन्हित किए गए हैं. जहां से पुलिस पूरे जिले की निगरानी करेगी. बड़े शहरों की तर्ज पर पलामू पुलिस ने भी क्यूआर कोड के माध्यम से पुलिसिंग की शुरुआत की है.
पुलिस ने जिले के 650 इलाकों में क्यूआर कोड लगाया है. सबसे अधिक मेदिनीनगर के इलाके में 110 के करीब क्यूआर कोड लगाए गए हैं. क्यूआर कोड के माध्यम से पुलिस पेट्रोलिंग को संवेदनशील और प्रभावी बनाना है. क्यूआर कोड को लेकर शहर और ग्रामीण इलाकों के लिए अलग-अलग पुलिस बल की तैनाती की गई है.
शहरी इलाके में टाइगर मोबाइल जबकि ग्रामीण इलाकों में संबंधित बीट के पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. पेट्रोलिंग टीम चिन्हित इलाकों में पहुंचेगी और क्यूआर कोड को स्कैन करेगी. कोड को स्कैन करने के बाद संबंधित जवान और टीम का पूरा डाटा पुलिस मुख्यालय के पास चला जाएगा. जबकि इसकी जानकारी पलामू एसपी कपिल चौधरी के पास भी पहुंचेगी. पेट्रोलिंग का पूरा डाटा झारखंड पुलिस के रक्षक ऐप पर अपलोड होगा.
जिले में अपराध एवं नक्सल घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए और पेट्रोलिंग टीम को प्रभावी बनाने के लिए क्यूआर कोड लगाया गया है. जिले में 650 इलाको को चिन्हित कर कोड लगाए गए हैं. पेट्रोलिंग टीम को और टाइगर मोबाइल के जवानों को जिम्मेदारी दी गई है. दिन के अलावा रात में भी टाइगर मोबाइल के जवान क्यूआर कोड वाले इलाके में दो से तीन बार जाएंगे और निगरानी करेंगे. पलामू पुलिस अपराध और चोरी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पहल कर रही है. इसी के तहत ये योजना तैयार की गई है. बैंक, एटीएम, ज्वेलरी शॉप, संवेदनशील इलाकों में क्यूआर कोड लगाए गए हैं. – कपिल चौधरी, एसपी, पलामू
नेशनल हाइवे और बॉर्डर एरिया के लिए पुलिस ने तैयार किया प्लान
नेशनल हाईवे और बॉर्डर एरिया के लिए पुलिस ने खास योजना तैयार की है. नेशनल हाईवे और इंटर स्टेट और इंटर जिला बॉर्डर पर क्यूआर कोड लगाया गया है. नक्सली इलाके के लिए भी खास योजना तैयार की गयी है. पलामू पुलिस शहरी और ग्रामीण इलाकों में तेजी से अपराध और चोरी के खिलाफ कदम उठाना चाहती है. इसी को लेकर क्यूआर कोड योजना तैयार की गई है.






