ब्रेकिंग
Defence Production: भारत के रक्षा उत्पादन ने छुई नई ऊंचाई; 1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा ... Regional Parties vs Congress: क्षेत्रीय दलों में टूट का किसे मिलेगा फायदा? भारतीय राजनीति में कांग्र... Political Shift in India: INDIA गठबंधन को बड़ा झटका; टीएमसी और शिवसेना (UBT) में टूट के बाद NDA हुआ औ... Shiv Sena UBT Crisis: संजय राउत ने बागियों को दी चेतावनी; कहा- 'इस्तीफा देकर जाएं, कार्यकर्ताओं के ख... Ayodhya Ram Mandir: दानपात्र गबन मामले पर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान; कहा- 'बिना धुएं के आग नहीं न... Jaipur Fire Accident: पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड का मुख्य आरोपी कय्यूम खान गिरफ्तार; कचरा बीनकर बिता र... Greater Noida Police: सूर्य ग्लोबल कंपनी में शर्मनाक वारदात; दो आरोपी गिरफ्तार, ICU में भर्ती है पीड़... Regional Parties vs Congress: क्षेत्रीय दलों में टूट का किसे मिलेगा फायदा? भारतीय राजनीति में कांग्र... NEET Exam Tension: डॉक्टर बनने का सपना अधूरा; अलवर की छात्रा रेणु मीणा ने दी जान, इलाके में शोक की ल... Bihar News: छपरा-हाजीपुर फोरलेन का अधूरा पुल; 15 वर्षों से निर्माणाधीन, अब 40 करोड़ के नए ठेके से जग...
मध्यप्रदेश

पुलिसकर्मियों के शौर्य का सम्मान: नक्सलवाद पर लगाम कसने वाले 101 जवानों को मिला प्रतिष्ठित केएफ रूस्तमजी अवॉर्ड

‘नए दौर में अपराध और अपराधियों के तरीके बदल गए हैं. मध्यप्रदेश पुलिस डिजिटल और साइबर क्राइम के मामलों से भी पूरी दक्षता के साथ निपट रही है. मध्यप्रदेश पुलिस अपने साहस, अनुशासन और दृढ़ इच्छा शक्ति के लिए पहचान रखती है. पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए अपने काम से अलग ही पहचान बनाई है.’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही. सीएम डॉ. यादव आज भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित केएफ रूस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे.

समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुष्प गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया. इस दौरान अश्वरोही दल ने भी उनका अनोखे अंदाज में स्वागत किया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. समारोह में प्रदेश के मुखिया ने केएफ रूस्तमजी पुरस्कार वर्ष 2019-20 और 2021-22 के अंतर्गत परम विशिष्ट श्रेणी, अति विशिष्ट श्रेणी और विशिष्ट श्रेणी में पुरस्कार प्रदान किए.

चुनौतियों के साथ ड्यूटी करती है पुलिस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रूस्तम जी ने जिस प्रकार प्रदेश की धरती से दस्यु समस्या को खत्म करने की मुहिम चलाई थी. उसी पर आगे बढ़ते हुए पिछले साल मध्यप्रदेश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो चुका है. संगठित अपराधों से निपटने के लिए भी सुनियोजित ढंग से योजनाएं बनाई जा रही हैं. रूस्तम जी ने नागपुर के दंगों में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल की नींव रखी थी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 101 पुलिसकर्मियों को केएफ रूस्तमजी पुरस्कार दिया गया है. राज्य सरकार पुलिस विभाग में नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कारों को प्रोत्साहन दे रही है. पुलिसकर्मी अनेक चुनौतियों के साथ ड्यूटी करते हैं.

लाल सलाम को आखिरी सलाम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश बदल रहा है. देश में 35 साल से नक्सलवाद लाइलाज बीमारी की तरह था. मध्यप्रदेश सबसे पहले इस समस्या से मुक्त हुआ. आज भारत के सभी राज्य लाल सलाम को आखिरी सलाम करते हुए नक्सलवाद से मुक्त हुए हैं. इसके लिए देश केंद्रीय नेतृत्व का ऋणी है. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से लड़ाई में हमारी विजय हुई. हथियार और आतंकवाद के बल पर लोगों को डराया जाता था. मध्यप्रदेश के एक तत्कालीन मंत्री की हत्या तक कर दी गई थी.

पुलिसकर्मियों की चिंता हमारा दायित्व

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग में भर्तियां जारी हैं. वर्ष 2023 और 2024 की भर्तियां पूर्ण हो गई हैं. अब वर्ष 2026 की नई भर्ती में सब इंस्पेक्टर से लेकर पुलिसकर्मियों की भर्ती शुरू की जाएगी. राज्य सरकार ने 22 हजार 500 भर्तियों का लक्ष्य रखा था. अगले वर्ष इसे पूरा करने के लिए फिर भर्ती करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस बैंड तक के लिए भर्ती निकाली गई है. पुलिस विभाग हमारे परिवार का हिस्सा है. पुलिसकर्मियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयास कर रही है. उनकी सुख-सुविधाओं की चिंता करना भी हमारा दायित्व है.

पुलिस विभाग को मिल रहा सीएम का सहयोग

कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज परम विशिष्ट श्रेणी के 7, अति विशिष्ट श्रेणी के 8 और विशिष्ट श्रेणी के 86 पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं. इसमें 11 दिसंबर 2025 को प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराना भी शामिल है. डायल 112 सेवा का क्रियान्वयन, पिछले साल कुल साढ़े 8 हजार पदों पर पुलिस भर्ती की स्वीकृति प्राप्त हुई है. कॉन्स्टेबल भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है और सिपाहियों को ज्वाइनिंग दी जा रही है.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में प्रदेश पुलिस बल में 10 हजार पदों पर भर्ती की स्वीकृति शीघ्र ही मिलने की संभावना है. सिंहस्थ 2028 एक बड़ा आयोजन होगा, इसके लिए पुलिस बल को प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर तैनात करना बहुत आवश्यक है. इसके लिए तैयारियां जारी हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ओर से पुलिस विभाग को पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है. हमारे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपराध नियंत्रण के लिए समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं.

Related Articles

Back to top button