Hisar Bijli Nigam: बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला, अब लिखित अनुमति के बिना नहीं लगेगा कट

हिसार: बिजली लाइनों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बिजली निगम ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। अब जेई (JE), लाइनमैन और एरिया लाइनमैन को बिजली लाइन पर कार्य शुरू करने से पहले लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना लिखित परमिशन के घोषित बिजली कट नहीं लगाया जा सकेगा। निगम की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
📞 फोन पर सप्लाई बंद करने का सिस्टम खत्म: लापरवाही पर लगेगी लगाम
बता दें कि अब तक बिजली कट लगाने और सप्लाई शुरू करने की प्रक्रिया फोन पर संपर्क के जरिए की जा रही थी। कई बार लापरवाही या गलतफहमी के चलते काम चलने के दौरान ही बिजली सप्लाई चालू कर दी जाती थी, जिससे कर्मचारियों के साथ हादसे होने का खतरा बना रहता था। ऐसे मामलों में कई कर्मचारी करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
📊 डराने वाले आंकड़े: हर महीने 8 कर्मचारी हो रहे करंट का शिकार
एक आंकड़े पर गौर करें तो हर माह औसतन 8 कर्मचारी कार्य करते समय करंट की चपेट में आने से चोटिल हो रहे हैं। यानी लगभग हर सप्ताह दो कर्मचारी घायल हो रहे हैं। इतना ही नहीं, हर दो माह में एक से दो कर्मचारियों की करंट लगने से मौत तक हो रही है। लगातार बढ़ते हादसों और कर्मचारियों की जान पर बने खतरे को देखते हुए निगम ने सुरक्षा नियमों को और सख्त करने का निर्णय लिया है।
📝 कार्य पूरा होने की लिखित पुष्टि अनिवार्य: तभी बहाल होगी बिजली सप्लाई
जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब तक बिजली लाइन पर कार्य चलता रहेगा, तब तक बिजली कट जारी रहेगा। कर्मचारी द्वारा लिखित में कार्य पूरा होने की पुष्टि देने के बाद ही बिजली सप्लाई दोबारा शुरू की जाएगी। बिजली निगम का कहना है कि नए नियम लागू होने से फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और मानवीय त्रुटि से होने वाले करंट के हादसों में भारी कमी आएगी।






