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दिल्ली/NCR

Delhi Infrastructure: पीएम गतिशक्ति से मजबूत हुई दिल्ली की कनेक्टिविटी, ‘इग्जेम्प्लर’ श्रेणी में राजधानी को मिला सर्वोच्च स्थान

दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी है कि अलग-अलग राज्यों में लॉजिस्टिक्स की सुगमता (Logistics Ease Across Different States – LEADS) 2025 इंडेक्स में राजधानी दिल्ली को देश की सर्वोच्च अनुकरणीय (इग्जेम्प्लर) श्रेणी में जगह मिली है। उन्होंने इसे दिल्ली के लिए गर्व का विषय कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दिल्ली सरकार द्वारा लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी बढ़ाने, व्यापार सुगमता को बेहतर बनाने और टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। दिल्ली ने लगातार प्रगति करते हुए लीड्स 2023 और 2024 में ‘अचीवर’ श्रेणी से आगे बढ़कर इस साल देश में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है।

🗺️ सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान को मंजूरी: पीएम गतिशक्ति पोर्टल के साथ 38 अनिवार्य लेयर्स का सफल इंटीग्रेशन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत ‘सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान’ तैयार किया है, जिसे मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। इससे शहरी माल परिवहन, अंतिम चरण की डिलीवरी व्यवस्था और शहरी फ्रेट मैनेजमेंट को ज्यादा व्यवस्थित बनाया जाएगा। पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर 46 अनिवार्य लेयर्स में से 38 का सफल इंटीग्रेशन किया जा चुका है। इसके साथ ही, 317 अतिरिक्त लेयर्स भी जोड़ी गई हैं, जिससे अलग-अलग विभागों के बीच समन्वित इंफ्रास्ट्रक्चर योजना और परियोजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूती मिली है।

🛣️ कनेक्टिविटी और सिंगल विंडो सिस्टम: नमो भारत कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे से मजबूत हुआ ढांचा

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक निवेश से जुड़ी स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है। वहीं, यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP) के जरिए डेटा एक्सचेंज की सुविधा विकसित की गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा चलाए गए पॉटहोल-फ्री रोड अभियान के तहत मुख्य सड़कों में बड़े स्तर पर सुधार किया गया है। साथ ही, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) नमो भारत कॉरिडोर के संचालन से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्री और माल परिवहन कनेक्टिविटी काफी मजबूत हुई है।

🚌 वेयरहाउसिंग पॉलिसी 2025: सड़कों पर दबाव कम करने के लिए 10,000 इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य

मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली सरकार वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2025 को अंतिम रूप दे रही है। इस नीति का उद्देश्य माल ढुलाई में भीड़भाड़ कम करना और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को खत्म करना है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार की ईवी (EV) पॉलिसी के तहत साल 2024-25 में 2,808 ई-बसों की खरीद का लक्ष्य रखा गया है तथा 2025 तक 10,000 से ज्यादा बसों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें लगभग 80% बसें इलेक्ट्रिक होंगी। ईवी अपनाने और सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में दिल्ली का प्रदर्शन अन्य केंद्र शासित प्रदेशों से बेहतर रहा है।

📦 मेट्रो-कार्गो पायलट प्रोजेक्ट शुरू: नॉन-पीक घंटों में मेट्रो के जरिए होगा पार्सल का परिवहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलर पॉलिसी के माध्यम से लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग ढांचे में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा, वर्ष 2025 में डीएमआरसी (DMRC) मेट्रो-कार्गो पायलट प्रोजेक्ट के तहत ‘ब्लू डार्ट’ के साथ साझेदारी कर नॉन-पीक घंटों में मेट्रो के जरिए पार्सल परिवहन शुरू किया गया है। इस अभिनव प्रयोग से सड़कों पर वाहनों की निर्भरता कम होगी और रोड कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा। इसके साथ ही दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (DSEU) जैसे संस्थानों के जरिए लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा देकर दिल्ली को ‘ह्यूमन कैपिटल हब’ बनाया जा रहा है।

📈 सभी मानकों पर राष्ट्रीय औसत से बेहतर: ग्रीन वेयरहाउसिंग और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर आगामी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लीड्स 2025 में दिल्ली ने सड़क, रेल, एयरपोर्ट, डिजिटल सिस्टम, वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज जैसे सभी प्रमुख मानकों पर राष्ट्रीय और यूटी (UT) औसत से काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि, शिकायत निवारण व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता को भी चिन्हित किया गया है, जिस पर सरकार गंभीरता से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि ग्रीन वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, संगठित ट्रांसपोर्ट हब विकसित करना और व्यस्त सड़कों पर वाणिज्यिक यातायात को अलग करने के लिए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर विकसित करना दिल्ली सरकार की आगामी प्राथमिकताओं में शामिल है।

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