ब्रेकिंग
Delhi News: सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढहने पर बड़ा एक्शन, साउथ जोन DC समेत 4 इंजीनियर निलंबित; ... IIT Mandi News: भगवद्गीता आधारित पोस्टर पर जातिगत भेदभाव का आरोप, डायरेक्टर लक्ष्मीधर बेहरा ने दिए ज... Bihar Flood Alert: पटना में टूटा 2016 का रिकॉर्ड, पवन सिंह के घर में घुसा पानी; 9 जिलों में भारी बार... MPSC ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक: मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच तेज, 7वीं रैंकर ऋतुजा पाटील से पूछताछ Khunti Murder Case: खूंटी में 8 महीने की गर्भवती प्रेमिका की हत्या कर जंगल में फेंका शव, आरोपी प्रेम... Varanasi Shreya Murder Case: 20 दिन बाद पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी विवेक चौबे गिरफ्तार, पैर में ल... Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन में 30 साल पुरानी 5 मंजिला PG इमारत ढही, 6 छात्रों की मौत; मकान... Delhi News: सत्य निकेतन PG हादसे में मकान मालिकों पर कसेगा शिकंजा, स्निफर डॉग्स की मदद से NDRF का सर... अमरकंटक यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में सनसनीखेज घटना: बीसीए की छात्रा ने उठाया आत्मघाती कदम जातिगत जनगणना के प्रारूप पर कांग्रेस का बड़ा हमला: नाना पटोले ने बताया पूरी तरह दोषपूर्ण
उत्तरप्रदेश

LU Paper Leak Scandal: ‘तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है’, ऑडियो वायरल होने के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित लखनऊ यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है। यहाँ परीक्षा का पेपर लीक करने का ऑफर देते एक असिस्टेंट प्रोफेसर का ऑडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। ऑडियो में प्रोफेसर परमजीत सिंह एक छात्रा से अभद्र व अश्लील बातचीत करते हुए और परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक कराने का लालच देते हुए सुने जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद हसनगंज थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रोफेसर को हिरासत में ले लिया है।

📞 छुट्टी से जल्दी बुलाने का दबाव: बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा को केबिन में आने को कहा

जानकारी के मुताबिक, जूलॉजी (प्राणी विज्ञान) विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर परमजीत सिंह ऑडियो में एक छात्रा पर अपनी छुट्टी अधूरी छोड़कर जल्दी वापस आने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित छात्रा बीएससी फाइनल ईयर की स्टूडेंट है। ऑडियो में प्रोफेसर को साफ तौर पर यह कहते सुना जा सकता है कि “एग्जाम से पहले घर से आ जाओ, पेपर दे देंगे।” इतना ही नहीं, वह आगे कहते हैं कि “तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है, हर तरह से हेल्प करेंगे।” इसके साथ ही वे छात्रा को अपने केबिन में अकेले मिलने के लिए बुलाते हैं।

🛑 छात्रा का करारा जवाब: “मुझे नहीं देखना पेपर, मेरी पढ़ाई पूरी हो चुकी है”

हालांकि, इस अश्लील और अनैतिक ऑफर पर छात्रा ने कड़ा रुख अपनाया। बातचीत के दौरान छात्रा ने प्रोफेसर से साफ कह दिया कि उसे कोई लीक पेपर नहीं देखना है क्योंकि उसने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और उसे अपनी मेहनत पर भरोसा है। इस घटना के बाद से छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान रही। उसने हिम्मत दिखाते हुए पूरे मामले की जानकारी और ऑडियो साक्ष्य विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दिए, जिसके बाद यह प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।

⚖️ कुलपति का कड़ा एक्शन: जांच के लिए इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (ICC) गठित, 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (ICC) को जांच के आदेश दिए हैं। कमेटी को अगले 24 घंटे के अंदर अपनी गहन जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि संस्थान की गरिमा और शैक्षणिक माहौल को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय ऐसे मामलों में “जीरो-टॉलरेंस” (शून्य सहनशीलता) की सख्त नीति अपनाता है।

🔥 आंतरिक राजनीति का दावा: आरोपी प्रोफेसर ने खुद को बताया बेकसूर

पुलिस हिरासत में लिए जाने से पहले असिस्टेंट प्रोफेसर परमजीत सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और विश्वविद्यालय की आंतरिक गुटबाजी व राजनीति के चलते उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया जा रहा है। फिलहाल हसनगंज थाने की पुलिस आरोपी प्रोफेसर को कस्टडी में लेकर ऑडियो की सत्यता और तकनीकी पहलुओं की गहनता से पूछताछ कर रही है।

🚩 छात्रों का भारी आक्रोश: ABVP ने प्रॉक्टर ऑफिस घेरा, तत्काल निलंबन की मांग

ऑडियो सार्वजनिक होने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय के सामान्य छात्रों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। छात्रों ने कैंपस में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रॉक्टर ऑफिस का घेराव किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय से निलंबित किया जाए और उसके खिलाफ ऐसी सख्त दंडात्मक विधिक कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए नजीर बने।

Related Articles

Back to top button