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दिल्ली/NCR

Delhi News: सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढहने पर बड़ा एक्शन, साउथ जोन DC समेत 4 इंजीनियर निलंबित; मजिस्ट्रेट जांच शुरू

नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में पांच मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत ढहने की भीषण त्रासदी में मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है।

दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी और भवन मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया है। इस बीच, हॉस्टल संचालन से जुड़ी एक हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। छात्रों के साथ किए गए पीजी एग्रीमेंट की कॉपी से खुलासा हुआ है कि प्रबंधन ने पहले ही नियम-शर्तों के जरिए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रखा था। एग्रीमेंट में स्पष्ट लिखा था कि पीजी परिसर के भीतर रहने वाले किसी भी छात्र के साथ होने वाली दुर्घटना या जान-माल के जोखिम के लिए प्रशासन जिम्मेदार नहीं होगा।

📄 एग्रीमेंट में सख्त नियम: मनमाना किराया और एडवांस की शर्तें, सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं

पीजी अनुबंध में दर्ज प्रमुख शर्तें:

  • हादसे की जवाबदेही से इनकार: अनुबंध की एक प्रमुख शर्त के अनुसार, इमारत के भीतर किसी भी प्रकार की दुर्घटना, अनहोनी या व्यक्तिगत जोखिम की स्थिति में पीजी प्रबंधन की कोई कानूनी या नैतिक जिम्मेदारी नहीं मानी जाएगी।

  • एडवांस और भारी सिक्योरिटी: छात्रों से दो महीने की अग्रिम सिक्योरिटी डिपॉजिट और एक महीने का एडवांस किराया अनिवार्य रूप से जमा कराया जाता था।

  • लॉकिंग पीरियड का दबाव: एग्रीमेंट के अनुसार तय लॉकिंग पीरियड से पहले कमरा खाली करने पर जमा सिक्योरिटी और फीस वापस न करने का कड़ा नियम लागू था। इसके अतिरिक्त दीवारों पर पोस्टर-स्टीकर लगाने पर रोक और नुकसान की भरपाई सिक्योरिटी मनी से काटने का प्रावधान था।

🛑 प्रशासनिक स्तर पर बड़ा एक्शन: दक्षिणी जोन के DC और चार इंजीनियर निलंबित

लापरवाही पर नगर निगम की कार्रवाई:

  • मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई: घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर दक्षिणी जोन के उपायुक्त (DC) तथा चार अन्य संबंधित इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।

  • मजिस्ट्रेट जांच के आदेश: पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित विभागों और अधिकारियों की आपराधिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी विधिवत तय की जाएगी।

🏛️ मेयर प्रवेश वाही का बयान: ‘जांच रिपोर्ट आने के बाद तय होगी अंतिम जवाबदेही’

प्रशासनिक रुख और कानूनी प्रक्रिया:

  • मजिस्ट्रेट जांच जारी: दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्तमान में किसी भी एक व्यक्ति पर सीधा दोष मढ़ना जल्दबाजी होगी, क्योंकि स्वतंत्र मजिस्ट्रेट जांच चल रही है।

  • संवेदनशील रुख: मेयर के अनुसार, प्रशासन पीड़ितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श के बाद ही प्राथमिक तौर पर लापरवाह अफसरों को निलंबित करने का सख्त कदम उठाया गया है।

🏗️ दिल्ली की खतरनाक इमारतों पर सख्त निर्देश: ‘नियम तोड़े तो अफसरों पर भी होगी कार्रवाई’

भविष्य के सुरक्षात्मक उपाय:

  • सभी उपायुक्तों को हिदायत: नगर निगम ने राजधानी के सभी जोनल डीसी को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन कर हो रहे अवैध और असुरक्षित निर्माणों को तुरंत सील किया जाए।

  • अफसरों पर कार्रवाई की चेतावनी: यदि किसी भी क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर खतरनाक निर्माण पाया गया, तो वहां के संबंधित फील्ड अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।

🏙️ ’70 साल के कंक्रीट के जंगल का सच’: अवैध कॉलोनियों पर मेयर ने उठाए सवाल

शहरी ढांचे और अनियोजित विकास पर पक्ष:

  • हेल्पलाइन पर सूचना देने की अपील: मेयर ने नागरिकों से अपील की है कि उनके आसपास यदि कोई जर्जर या अवैध इमारत है, तो उसकी सूचना तुरंत एमसीडी के अधिकृत हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराएं।

  • बेतरतीब विकास का परिणाम: उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों में सुनियोजित विकास के अभाव में पूरी दिल्ली कंक्रीट के जंगल और अवैध कॉलोनियों में तब्दील हो गई है। इसके लिए पूरे तंत्र को जिम्मेदारियों को समझना होगा और प्रशासन अब राजधानी के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा।

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