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Giridih Elephant Attack: गिरिडीह में जंगली हाथी का कोहराम, सूंड से धक्का दिया तो कुएं में गिरा कॉलेज छात्र, मौत

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ अपने झुंड से भटके एक जंगली हाथी ने शनिवार रात सरिया थाना क्षेत्र के बागोडीह गांव में जमकर कोहराम मचा दिया। हाथी के इस हिंसक उत्पात के दौरान ग्रामीणों के साथ मिलकर हाथी को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने गए सरिया कॉलेज के 19 वर्षीय होनहार छात्र अनुराग यादव की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गुस्साए हाथी ने जब अचानक पलटकर अपनी सूंड से जोरदार धक्का मारा, तो अनुराग अनियंत्रित होकर पास के एक गहरे कुएं में जा गिरा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आनन-फानन में कड़ी मशक्कत कर छात्र को कुएं से बाहर निकाला और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन, दुर्भाग्यवश जब तक वे अस्पताल पहुंचते, उससे पहले ही रास्ते में छात्र ने दम तोड़ दिया।

🐘 अचानक पलटकर हाथी ने किया जानलेवा हमला: जान बचाने के लिए मची अफरा-तफरी, सूंड के वार से हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरिडीह के सरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बागोडीह गांव में शनिवार रात झुंड से भटका हुआ एक विशालकाय हाथी अचानक रिहायशी एरिया में घुस आया था। रात के अंधेरे में हाथी की मौजूदगी और शोर सुनकर गांव वाले घरों से बाहर निकल आए। ग्रामीण एकजुट होकर ढोल-नगाड़े बजाकर, शोर मचाकर और आग की मशालें जलाकर हाथी को गांव से बाहर खदेड़ने लगे। लोगों के भारी विरोध को देखकर हाथी एक बार तो गांव से बाहर की ओर भाग गया। जब सभी ग्रामीण राहत की सांस लेते हुए वापस अपने घरों की ओर लौट रहे थे, तभी गुस्साया हाथी अचानक पीछे पलट गया और लोगों को कुचलने के लिए तेजी से दौड़ाने लगा। अपनी जान बचाने के लिए सभी लोग रात के अंधेरे में इधर-उधर भागने लगे। इसी भारी अफरा-तफरी के बीच हाथी ने अनुराग यादव को अपनी सूंड से एक जोरदार और सीधा धक्का मार दिया। वह धक्का इतना शक्तिशाली था कि अनुराग सीधे पास में स्थित बिना मुंडेर के कुएं में जा गिरा, जिससे उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आईं।

🩺 रविवार सुबह हुआ पोस्टमार्टम: होनहार बेटे की मौत से परिवार में छाया मातम, मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल

दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही सरिया थाना पुलिस की टीम रात में ही मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। रविवार सुबह कानूनी और डॉक्टरी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे अंतिम संस्कार के लिए रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिया गया। इस असमय मौत की घटना के बाद से अनुराग के पूरे घर और गांव में कोहराम मच गया है। अपने इकलौते और होनहार बेटे को खोने के गम में बूढ़े मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अनुराग सरिया कॉलेज में स्नातक (ग्रेजुएशन) ऑनर्स का मेधावी छात्र था और पूरे परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। स्थानीय मुखिया धानेश्वर यादव ने इस घटना को अत्यंत दुखद और पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ी अपूरणीय क्षति बताया है।

😡 वन विभाग की घोर लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा: मुखिया धानेश्वर यादव ने पीड़ित परिवार को दिया मुआवजे का भरोसा

घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय मुखिया धानेश्वर यादव ने मीडिया के सामने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरी घटना वन विभाग की घोर लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने बताया कि यह हाथी पिछले 2 दिनों से लगातार गांव के आसपास के जंगलों और खेतों में घूम रहा था, जिसकी लिखित और मौखिक सूचना ग्रामीणों द्वारा समय रहते वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों को दे दी गई थी। मुखिया ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अगर समय रहते वन विभाग की टीम मुस्तैदी दिखाती और गांव आकर हाथी को खदेड़ देती, तो आज अनुराग हमारे बीच जिंदा होता। मुखिया ने पीड़ित परिजनों को सांत्वना देते हुए वन विभाग के सरकारी प्रावधानों के तहत मिलने वाला उचित आर्थिक मुआवजा और परिवार को हर संभव सहयोग दिलाने का पूरा आश्वासन दिया है।

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