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उत्तरप्रदेश

Moradabad Sonu Murder Case: मुरादाबाद के चर्चित सोनू हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, मंगेतर समेत 3 को उम्रकैद

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में करीब आठ साल पुराने बहुचर्चित सोनू हत्याकांड में अदालत ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन मुख्य दोषियों को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-7) चंचल सिंह की माननीय अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी रानी, उसकी मां राधा और प्रेमी अशोक उर्फ फकीरा को हत्या और साजिश रचने का दोषी करार दिया। इसके साथ ही, अदालत ने न्याय के सिद्धांतों के तहत तीनों दोषियों पर 35-35 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

🌲 बमैनिया के जंगल में मिला था शव: पहचान छिपाने के लिए सुनसान इलाके में फेंका, पिता जयपाल सिंह ने दर्ज कराई थी FIR

यह पूरा सनसनीखेज मामला मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। घटना 7 नवंबर 2018 की है, जब बमैनिया गांव के घने जंगल में एक अज्ञात युवक की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और उसका शव फेंक दिया गया था। शातिर हत्यारों ने शव को सुनसान इलाके में इसलिए फेंका था ताकि मृतक की पहचान न हो सके और पुलिस को गुमराह किया जा सके। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शव की शिनाख्त सोनू के रूप में की। इसके बाद, मृतक के शोकाकुल पिता जयपाल सिंह (निवासी ग्राम गिंदौड़ा) ने पाकबड़ा थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई थी।

💔 शादी से महज 38 दिन पहले मंगेतर ने रची थी खौफनाक साजिश: लाइट ठीक कराने के बहाने बुलाकर अंगोछे से घोंटा गला

पुलिस की गहन विवेचना और चार्जशीट में जो सच सामने आया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। मृतक सोनू की उम्र महज 22 साल थी और उसकी शादी होने में सिर्फ 38 दिन बाकी थे। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन उसकी मंगेतर रानी का झुकाव गांव के ही अशोक नामक युवक की तरफ था और दोनों के बीच प्रेम संबंध चल रहे थे। शादी की कगार पर खड़ी रानी ने रास्ते का कांटा हटाने के लिए अपनी मां राधा और प्रेमी अशोक के साथ मिलकर सोनू की हत्या की एक खौफनाक साजिश रची। योजना के मुताबिक, वारदात वाले दिन सोनू को लाइट ठीक करने के बहाने सुनसान जगह पर बुलाया गया और फिर वहां अंगोछे से उसका गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया।

⚖️ यूपी पुलिस के ‘कन्विक्शन अभियान’ की बड़ी सफलता: एडीजीसी नीलम वर्मा की दमदार पैरवी से सलाखों के पीछे पहुंचे कातिल

कातिलों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में मुरादाबाद पुलिस और अभियोजन पक्ष ने बेहतरीन काम किया। तत्कालीन उपनिरीक्षक नीरज कुमार सिंह ने घटनास्थल से साइंटिफिक और फॉरेंसिक सबूत जुटाए और समय पर एक मजबूत चार्जशीट अदालत में दाखिल की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देशन में इस केस की लगातार मॉनिटरिंग की गई। कोर्ट पैरवी सेल और मॉनिटरिंग सेल ने हर तारीख पर मुस्तैदी दिखाई। पाकबड़ा थाने के कांस्टेबल रितेश कुमार ने पैरोकार के रूप में गवाहों को सुरक्षित अदालत में पेश किया। सरकार की ओर से एडीजीसी (ADGC) नीलम वर्मा ने अदालत में बेहद प्रभावशाली पैरवी करते हुए आरोपियों के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने यह सख्त सजा सुनाई।

👮 ‘अपराध चाहे कितना भी पुराना हो, कानून से नहीं बचेंगे दोषी’: अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने ली राहत की सांस

मुरादाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, यह अदालती फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा राज्य भर में चलाए जा रहे विशेष ‘कन्विक्शन अभियान’ के तहत एक बहुत बड़ी सफलता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि महिलाओं और युवाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों के दोषियों को जल्द से जल्द और सख्त सजा दिलाकर पीड़ित परिवारों को न्याय सुनिश्चित कराया जा सके। अदालत के इस फैसले के बाद सोनू के बूढ़े माता-पिता और पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। मुरादाबाद पुलिस ने संदेश दिया है कि अपराध चाहे कितना भी शातिराना या पुराना क्यों न हो, दोषियों को कानून के लंबे शिकंजे से भागने नहीं दिया जाएगा।

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