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Litchi Capital of the World: भारत का वो शहर जिसे कहते हैं ‘लीची की राजधानी’; संतरा-पपीता से भी ज्यादा है विटामिन सी

गर्मियों के मौसम में आने वाला रसीला फल लीची बड़ों से लेकर बच्चों तक सभी का पसंदीदा होता है। स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ लोग इससे कई तरह के मॉकटेल, जूस और समर ड्रिंक्स भी बनाते हैं। स्वाद के साथ-साथ लीची सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। यह एक बेहतरीन रिफ्रेशिंग समर फ्रूट (Refreshing Summer Fruit) है, जिसे खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी महसूस होती है। दरअसल, लीची में तकरीबन 81 प्रतिशत पानी पाया जाता है, जो चिलचिलाती धूप में शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लीची में आम, पपीता, तरबूज और यहां तक कि संतरे से भी ज्यादा विटामिन सी (Vitamin C) होता है। इस वजह से यह आपकी त्वचा में चमक लाती है और शरीर की इम्यूनिटी को भी बूस्ट करती है।

📊 100 ग्राम लीची में होता है 71.5 मिलीग्राम विटामिन सी: नेचुरल शुगर और पोटेशियम जैसे मिनरल्स का है पावरहाउस

लीची के न्यूट्रिएंट्स (Nutrients) की बात करें तो यूएसडीए (USDA) के मुताबिक, 100 ग्राम लीची में लगभग 71.5 मिलीग्राम विटामिन सी होता है। इसके अलावा इसमें बी कॉम्प्लेक्स के विटामिन भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। लीची केवल विटामिन ही नहीं, बल्कि कैल्शियम, नेचुरल शुगर, पोटेशियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे बेहद जरूरी मिनरल्स का भी मुख्य सोर्स है। अक्सर लोगों को लगता है कि मीठे फल केवल ठंडे इलाकों में ही उगाए जाते होंगे, लेकिन लीची एक ऐसा ट्रॉपिकल फ्रूट (Tropical Fruit) है जो गर्म और नम जलवायु में बहुत तेजी से पनपता है।

👑 मुजफ्फरपुर को क्यों कहते हैं ‘लीची कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’?: शाही लीची की मिठास और खुशबू के दीवाने हैं विदेशी बाजार

भारत में बिहार का मुजफ्फरपुर जिला सबसे ज्यादा लीची उगाने के लिए प्रसिद्ध है। यह भारत में लीची का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। यही वजह है कि मुजफ्फरपुर को न सिर्फ भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी “लीची कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” (Lychee Capital of the World) कहा जाता है। यह जगह सिर्फ मात्रा में ही नहीं, बल्कि बेहतरीन गुणवत्ता वाली लीची के लिए भी जानी जाती है। मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध किस्मों में से ‘शाही लीची’ अपनी खास मिठास, जूसी टेक्सचर और बेहतरीन सुगंध के लिए ग्लोबल मार्केट में अपनी अलग पहचान रखती है। यहां की विशेष गर्म-नम जलवायु और नदियों द्वारा लाई गई उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी लीची की खेती के लिहाज से सबसे बेस्ट मानी जाती है। यहां की शाही लीची को भारत सरकार द्वारा जीआई टैग (GI Tag) भी दिया जा चुका है।

🌍 दुनिया में लीची उत्पादन में नंबर-1 है चीन: भारत दूसरे स्थान पर, देश की 40% लीची अकेले उगाता है बिहार

अगर हम वैश्विक स्तर पर बात करें कि दुनिया में सबसे ज्यादा लीची कहां उगाई जाती है, तो इस लिस्ट में पहले नंबर पर चीन (China) आता है। चीन में लीची की पैदावार पूरी दुनिया में सबसे अधिक होती है। इसके बाद भारत लीची उत्पादन में पूरी दुनिया में दूसरे नंबर पर आता है। हमारे देश में लीची की पैदावार सबसे ज्यादा बिहार में होती है। भारत के कुल लीची उत्पादन का तकरीबन 40 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान अकेले बिहार का रहता है, जहां से यह फल देश-विदेश के बाजारों में निर्यात किया जाता है।

🏮 सिर्फ लीची ही नहीं, लाख की चूड़ियों और बाबा गरीबनाथ मंदिर के लिए भी खास है मुजफ्फरपुर: इतिहास भी है गौरवशाली

हर साल गर्मियों में अपनी रसीली और मीठी लीचियों के लिए चर्चा में रहने वाले मुजफ्फरपुर का इतिहास भी बेहद गौरवशाली है। यह महान स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की शहादत का गवाह है और यहां उनका स्मारक भी बना है। इसके अलावा, यह शहर पारंपरिक ‘लाख की चूड़ियों’ के हस्तशिल्प के लिए पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है। धार्मिक दृष्टिकोण से देखें तो यहां बाबा गरीबनाथ का सुप्रसिद्ध मंदिर स्थित है, जो लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसे ‘उत्तर भारत का देवघर’ भी कहा जाता है। इस खूबसूरत और ऐतिहासिक शहर में आप ट्रेन या फ्लाइट के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं।

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