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झारखण्ड

Deoghar Food Safety: देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम के श्रद्धालुओं को बासी या खराब खाना परोसा तो खैर नहीं; तुरंत रद्द होगा होटल का लाइसेंस

देवघर: झारखंड की पावन और ऐतिहासिक नगरी देवघर पूरे देश में एक प्रतिष्ठित धार्मिक केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है। यहाँ स्थापित बाबा बैद्यनाथ धाम को भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। इसके साथ ही, माँ सती का हृदय स्थल होने के कारण इसे एक अत्यंत सिद्ध शक्तिपीठ का दर्जा भी प्राप्त है, जिसके चलते इस स्थान का आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है। यही मुख्य वजह है कि देवघर में साल के बारह महीने और हर दिन देश के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु और कांवरिए यहाँ पहुंचते हैं। सभी श्रद्धालु बाबा मंदिर के गर्भगृह में जल और पवित्र गंगाजल अर्पित कर अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना करते हैं।

🍽️ देवघर आने वाले श्रद्धालुओं का भोजन पूरी तरह से होटलों पर निर्भर: 800 से अधिक भोजनालय संभालते हैं व्यवस्था

बाबा धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की इस लगातार बढ़ती संख्या के कारण देवघर जिले में होटल, लॉज और रेस्टोरेंट का कारोबार बेहद बड़े स्तर पर संचालित होता है। एक अनुमान के मुताबिक, जिले में करीब 700 से 800 छोटे-बड़े होटल, रेस्टोरेंट और स्थानीय भोजनालय श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था संभालते हैं। देवघर आने वाले बाहरी श्रद्धालु अपनी यात्रा के दौरान इन होटलों में शुद्ध और सात्विक भोजन की उम्मीद में सैकड़ों से लेकर हजारों रुपये खर्च करते हैं। ऐसे में इन व्यवसायियों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।

🛑 अत्यधिक भीड़ का फायदा उठाकर कुछ होटल संचालक परोस रहे बासी खाना: शिकायत करने पर श्रद्धालुओं को चुप कराने की कोशिश

हालांकि, इस बड़े कारोबारी नेटवर्क के बीच कई बार श्रद्धालुओं को बासी, अस्वच्छ और खराब गुणवत्ता का खाना परोसे जाने की गंभीर शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। खासकर विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला और सावन महीने के दौरान, जब जिले में अत्यधिक भीड़ उमड़ती है, तो कुछ मुनाफाखोर होटल संचालक स्थिति का नाजुक फायदा उठाकर खाने की गुणवत्ता से खिलवाड़ और समझौता करने लगते हैं। यदि कोई जागरूक श्रद्धालु इसकी शिकायत करता भी है, तो होटल प्रबंधन द्वारा स्थानीय स्तर पर ही बात को बहला-फुसलाकर या डराकर मामला शांत कराने की कोशिश की जाती है। कानूनी जानकारी और समय के अभाव में कई राज्यों से आए श्रद्धालु मजबूरी में चुप रह जाते हैं।

📱 ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ (Food Safety Connect App) पर तुरंत दर्ज कराएं शिकायत: फोटो अपलोड करते ही मौके पर पहुंचेगी टीम

अब जिला प्रशासन ने ऐसे लापरवाह और मिलावटखोर होटल संचालकों के खिलाफ बेहद सख्त और दंडात्मक रुख अपनाते हुए लगातार छापेमारी की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला खाद्य जांच पदाधिकारी राजेश शर्मा ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई भी होटल संचालक श्रद्धालुओं को बासी, सड़ा-गला या खराब खाना परोसता है, तो श्रद्धालु अब चुप न रहें। वे तुरंत विभाग के टोल-फ्री कंप्लेन नंबर या केंद्र सरकार के “फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप” पर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पहले यह ऐप तकनीकी रूप से अधिक सक्रिय नहीं था, लेकिन अब इसे पूरी तरह अपडेट और प्रभावी बना दिया गया है। यदि किसी श्रद्धालु को भोजन में मिलावट या गंदगी का संदेह होता है, तो वह तुरंत उसका फोटो खींचकर ऐप पर अपलोड कर सकता है, जिसके बाद विभाग की विशेष फ्लाइंग स्क्वाड टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कड़ी कार्रवाई करेगी।

🚨 निरीक्षण अभियान में सामने आया नकली पनीर और जले हुए तेल का काला खेल: नियमों की अनदेखी पर लाइसेंस होंगे कैंसिल

आगामी श्रावणी मेले की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार शहर के विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंटों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर रही हैं। विभाग द्वारा सभी संचालकों को कड़े और साफ निर्देश जारी किए गए हैं कि भोजन की शुद्धता से किसी भी कीमत पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालिया निरीक्षण अभियान के दौरान कई नामचीन होटलों की रसोई में बार-बार गर्म कर काले हो चुके कैंसर पैदा करने वाले ‘जले हुए तेल’ का इस्तेमाल धड़ल्ले से होते हुए पाया गया, जबकि कुछ डेयरी और भोजनालयों में मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक ‘नकली सिंथेटिक पनीर’ का उपयोग भी सामने आया है।

“आगामी सावन और श्रावणी मेले से पहले ही सभी होटल संचालकों को स्वच्छता बनाए रखने के सख्त कानूनी निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद जो होटल स्वास्थ्य नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके लाइसेंस तुरंत रद्द (Cancel) किए जा रहे हैं। मेले के दौरान यदि किसी भी होटल में खराब या मिलावटी खाना पकड़ा गया, तो बिना किसी रियायत के दुकान को तुरंत सील कर दिया जाएगा।”राजेश शर्मा, जिला खाद्य एवं जांच पदाधिकारी, देवघर

📢 खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू किया ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार: श्रद्धालुओं को स्वच्छ भोजन देना प्रशासन का मुख्य संकल्प

जिला खाद्य सुरक्षा एवं आपूर्ति विभाग की ओर से बताया गया कि श्रावणी मेला 2026 के दौरान देवघर के सभी मुख्य मार्गों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और कावरिया पथ पर ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ के बड़े-बड़े होर्डिंग्स और बैनर लगाकर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि देश भर से आने वाले शिवभक्त आसानी से अपनी शिकायत डिजिटल माध्यम से दर्ज करा सकें। ऐप के भीतर दिए गए विशेष ‘कंज्यूमर फॉर लॉजिंग ग्रीवांसेज’ (Consumer for Lodging Grievances) विकल्प के माध्यम से लोग सीधे अपनी बात राज्य और केंद्रीय खाद्य सुरक्षा विभाग तक पहुंचा सकेंगे। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि खाद्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह औचक चेकिंग अभियान श्रद्धालुओं को स्वच्छ, हाइजीनिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन का एक बेहद सराहनीय और ऐतिहासिक कदम है।

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