Ludhiana Smart City Scam: लुधियाना नगर निगम पर भड़कीं पूर्व पार्षद ममता आशु; कहा- ‘चोरों के हवाले हुआ स्मार्ट सिटी का पैसा’

लुधियाना: पंजाब के औद्योगिक महानगर लुधियाना से एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल सामने आई है। लुधियाना की पूर्व पार्षद ममता आशु ने स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission) के तहत चल रहे विकास कार्यों को लेकर लुधियाना नगर निगम (MCL) प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। ममता आशु ने सीधे तौर पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन में भारी वित्तीय गड़बड़ी, घोर लापरवाही और बड़े घोटाले की आशंका व्यक्त की है, जिससे स्थानीय राजनीति में गरमाहट आ गई है।
📱 “एक ही रात में सरकारी मशीनरी कैसे हो गई गायब?”: पूर्व पार्षद ने फेसबुक पोस्ट के जरिए उठाए नगर निगम पर सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व पार्षद ममता आशु ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक) पर एक विस्तृत और आक्रामक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट के माध्यम से उन्होंने लुधियाना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए गंभीर आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी के विकास के लिए आया करोड़ों का सरकारी पैसा अब चोरों और भ्रष्टाचारियों के हवाले हो गया है। उन्होंने नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों से सीधा और तीखा सवाल पूछते हुए लिखा कि, “आखिर भारी-भरकम सरकारी मशीनरी कड़ी सुरक्षा के बावजूद एक ही रात में मौके से कैसे गायब हो सकती है?”
❌ “यह स्मार्ट सिटी मिशन है या मिशन फेल?”: शहर में बेखौफ घूम रहे चोरों को लेकर प्रशासन की चुप्पी पर उठाए सवाल
ममता आशु ने शहर की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आगे लिखा कि लुधियाना में अब तक आम लोग और व्यापारी तो सुरक्षित थे ही नहीं, लेकिन अब हद तो यह हो गई है कि यहाँ सरकारी सामान और मशीनरी भी सुरक्षित नहीं रह गई है। उन्होंने नगर निगम की ढीली और घटिया कारगुजारी पर सवालिया निशान लगाते हुए तंज कसा कि, “यह स्मार्ट सिटी मिशन है या फिर ‘मिशन फेल’ घोषित हो चुका है?” उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि शहर में चोर और असामाजिक तत्व बिना किसी डर के घूम रहे हैं और बड़ी चोरियों को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग रही है।
🏢 चोरों के साथ निगम अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका: ममता आशु ने MCL को दिया ‘भ्रष्टाचार लीग’ का नाम
अपने आरोपों को और कड़ा करते हुए ममता आशु ने आशंका जताई कि कहीं इन शातिर चोरों के साथ नगर निगम के अंदर बैठे कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की कोई आंतरिक मिलीभगत या सांठगांठ तो नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इसी संवेदनहीनता और घोर लापरवाही के चलते जनता के टैक्स का गाढ़े पसीने का पैसा पानी की तरह बर्बाद हो रहा है। इसके अलावा, उन्होंने अपने फेसबुक हैंडल पर लुधियाना नगर निगम (MCL) को कड़े उपनामों से नवाजते हुए इसे ‘कुशासन, भ्रष्टाचार और लूट का अड्डा’, ‘धन-भ्रष्टाचार लीग’ और ‘मशीनरी चोरी लीग’ जैसे गंभीर नाम भी दिए। इस विवाद के सामने आने के बाद नगर निगम के गलियारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और अधिकारियों ने फिलहाल इस पर चुप्पी साध रखी है।






