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छत्तीसगढ़

Rajnandgaon Voter List: कांग्रेस सचिव मेहुल मारु का नाम वोटर लिस्ट से गायब; कांग्रेस ने बताया ‘राजनीतिक षड्यंत्र’

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बेहद कड़े और गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राजनांदगांव से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव मेहुल मारु का नाम ही मुख्य मतदाता सूची से पूरी तरह गायब पाया गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस घटनाक्रम को देश के लोकतंत्र पर सीधा हमला और सत्ताधारी दल का एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है। इस गंभीर विसंगति का खुलासा होते ही स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली, जिसके बाद सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

📊 बूथ स्तर पर मतदाताओं की समीक्षा के दौरान खुली पोल: मतदान केंद्र 154 से काटे गए कांग्रेस नेताओं के नाम

दरअसल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आगामी चुनावों के मद्देनजर बूथ स्तर पर मतदाताओं के नामों का भौतिक सत्यापन और समीक्षा करने के लिए सभी जिलों में विशेष बूथ कमेटियों के गठन के कड़े निर्देश दिए थे। प्रदेश आलाकमान के आदेश का पालन करते हुए राजनांदगांव शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने जब शहर के विभिन्न संवेदनशील बूथों पर प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की, तभी यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि खुद प्रदेश सचिव मेहुल मारु का नाम ही सूची में दर्ज नहीं है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मेहुल मारु और उनके पूरे परिवार ने निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी आवश्यक पहचान दस्तावेज और आवेदन फॉर्म समय पर जमा किए थे, इसके बावजूद उनका नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटा दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कोई तकनीकी या सामान्य त्रुटि नहीं है, बल्कि विपक्ष समर्थित और सक्रिय मतदाताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाने की कोशिश है।

“जिला निर्वाचन कार्यालय में इस गंभीर मामले को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। मेरे परिवार में कुल छह पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से बिना किसी पूर्व सूचना के मेरा और मेरी पत्नी का नाम मतदाता सूची से पूरी तरह साफ कर दिया गया है।” — मेहुल मारु, सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी

😡 ‘बिना किसी सूचना के काटे जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम’: शहर अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने निर्वाचन अधिकारियों को घेरा

शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने मीडिया को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मतदान केंद्र क्रमांक 154 में मेहुल मारु और उनके परिवार के सभी सदस्यों के नाम शामिल होने थे, लेकिन अंतिम सूची में परिवार के छह सदस्यों में से केवल चार के नाम ही दर्ज मिले। मेहुल मारु और उनकी पत्नी का नाम सूची से गायब था।

मुदलियार ने बताया कि जब उन्होंने राजनांदगांव की मतदाता सूची का गहन और सूक्ष्म अध्ययन किया, तो पता चला कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद उनके नामों को बिना किसी नोटिस या सूचना के विलोपित कर दिया गया है। उनका सीधा आरोप है कि जिले भर में ऐसी गंभीर और एकतरफा त्रुटियां लगातार सामने आ रही हैं, जिनमें विशेष रूप से कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सक्रिय समर्थकों और प्रबुद्ध नागरिकों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं।

“कांग्रेस समर्थित और वैचारिक रूप से जुड़े मतदाताओं के नाम बिना किसी जांच या सूचना के मतदाता सूची से बाहर किए जा रहे हैं। बूथ स्तर की कमेटी के गठन के दौरान इस पूरे बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। कांग्रेस जल्द ही इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रदेश नेतृत्व से चर्चा कर आगे की उग्र रणनीति तय करेगी।” — जितेंद्र मुदलियार, अध्यक्ष, शहर कांग्रेस कमेटी

⚖️ ‘बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा आयोग’: निष्पक्षता पर उठे सवाल, तो निर्वाचन अधिकारी ने दी अपनी सफाई

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पूरे जिले से लगातार ऐसी लिखित शिकायतें सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने सीधे तौर पर राज्य निर्वाचन आयोग पर भाजपा के राजनीतिक दबाव में काम करने और सत्तापक्ष को अनुचित चुनावी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मतदाता सूची के डेटा में छेड़छाड़ करने का संगीन आरोप मढ़ा है।

पदाधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के इतने बड़े और सक्रिय सचिव का नाम ही सिस्टम में सुरक्षित नहीं रह पा रहा है, तो जिले के आम गरीब मतदाताओं की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। पार्टी ने इसे पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न बताया है। दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आए प्रभारी निर्वाचन अधिकारी प्रकाश टंडन ने विभाग का बचाव करते हुए बेहद संक्षिप्त सफाई दी कि संबंधित पक्ष द्वारा समय सीमा के भीतर एसआईआर का आवश्यक फॉर्म जमा नहीं किया गया था, जिसके कानूनी आधार पर ही मौका पंचनामा तैयार कर यह कार्रवाई की गई है।

🔥 आर-पार के बड़े आंदोलन की तैयारी में जुटी कांग्रेस: मांग पूरी न होने पर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने की दी चेतावनी

निर्वाचन अधिकारी की इस तकनीकी सफाई से असंतुष्ट कांग्रेस पार्टी अब इस मुद्दे को लेकर चुप बैठने के मूड में बिल्कुल नहीं है। पार्टी इस गंभीर विषय को लेकर जल्द ही जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक एक बड़े और व्यापक आंदोलन की कानूनी व रणनीतिक रूपरेखा तैयार कर रही है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची देश के हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और यदि समय रहते इसमें पारदर्शी सुधार नहीं किया गया और काटे गए नामों को दोबारा सम्मानपूर्वक नहीं जोड़ा गया, तो पार्टी पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होगी।

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