ब्रेकिंग
जबलपुर: मुंह के कैंसर ऑपरेशन में भारी चूक! गाल के अंदर डॉक्टर ने लगाई ठुड्डी की स्किन, पीड़ित ने लगा... हैदराबाद से पैदल चलने के तनाव में बेकाबू हुआ था हाथी! इंदौर पुलिस की कार्रवाई, महावत गिरफ्तार ग्वालियर में MITS की बीटेक छात्रा ने हॉस्टल में लगाई फांसी, सहेली को वाट्सऐप पर भेजा "बाय" और लिखा म... मंडला में इंसानियत की दर्दनाक मिसाल: पालतू मुर्गे को बचाने 30 फीट गहरे कुएं में उतरे बुजुर्ग, डूबने ... प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश हुकूमत को दिया था ₹35 हजार का कर्ज! सीहोर के परिवार को ब्रिटेन सरकार न... इंदौर पुलिस में हड़कंप: फर्जी गवाह और विवेचना में लापरवाही पर पूर्व थाना प्रभारी दिनेश वर्मा का डिमो... मध्य प्रदेश: श्रीकृष्ण की 64 कलाओं और 14 विद्याओं से निखरेगी Gen Z प्रतिभा, ₹1 लाख छात्रवृत्ति पर छि... इंदौर में कलयुगी बेटी की करतूत: मां के खाते से उड़ाए मृत पिता के ₹80 लाख, कोर्ट के आदेश पर बेटी-दामा... वेस्टइंडीज का 26 साल पुराना सपना टूटा! Port of Spain टेस्ट में पाकिस्तान की धमाकेदार जीत, बाबर-शफीक ... राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें: शाहजहांपुर की दो संपत्तियां होंगी नीलाम, सेंट्रल बैंक का ₹16.61 करोड...
देश

प्रवासी मजदूरों के साथ हो रहे पुलिस के रवैये की अखिलेश ने ट्वीट की वीडियो

लखनऊः लॉकडाउन की मार झेल रहे प्रवासी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का तो संकट है ही वहीं अब वह उपेक्षा का भी शिकार हो रहे हैं। इसी कड़ी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक वीडियो ट्वीट की है। साथ ही अखिलेश ने लिखा कि इस पर अखिलेश ने लिखा कि अगर सरकार का ग़रीब-मज़दूरों के प्रति ऐसा ही दुर्भावपूर्ण व उपेक्षापूर्ण व्यवहार रहा तो भला किस पर विश्वास करके ये प्रवासी मज़दूर वापस काम पर लौटेंगे। अमीरों की इस सरकार ने अब तो श्रम क़ानूनों का रक्षा-कवच भी छीन लिया है। बिना मज़दूर के कोई काम-कारख़ाना कैसे चलेगा, कोई तो समझे।

अपने अगले ट्वीट में अखिलेश ने लिखा कि जिस प्रदेश ने देश को महामहिम दिए, प्रधान जी दिए, उस उप्र ने अपनी सीमाओं को ग़रीबों के लिए सील कर दिया है। बिना सड़क प्रवासी मज़दूर भला कैसे बिहार, उड़ीसा, झारखंड, बंगाल व पूर्वोत्तर जाएंगे। ये हवा-हवाई सरकार कोई हवाई मार्ग ही बता दे। ‘वंदे भारत’ में ग़रीब वंदनीय क्यों नहीं है?

इतना ही नहीं सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने लिखा कि भाजपा सरकार का आदेश है कि प्रवासी मज़दूरों को उप्र बार्डर पर न घुसने देंगे, न सड़क या रेल ट्रैक पर चलने देंगे, न ट्रक-दुपहिया से जाने देंगे। भाजपाई ग़रीब विरोधी नीतियाँ ही लोगों को ग़ैर-क़ानूनी काम करने के लिए बाध्य कर रही हैं। ऐसा करो बाबू ग़रीब की ज़िंदगी पर ही रासुका लगा दो।

Related Articles

Back to top button