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छत्तीसगढ़

Balodabazar Kharif Season 2026: खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज का पर्याप्त स्टॉक; किसानों के लिए प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन

खरीफ सीजन शुरू होने से पहले बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जिले की सहकारी समितियों में खाद-बीज का पर्याप्त भंडार मौजूद है। किसानों को किसी भी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त भंडारण की व्यवस्था भी की जाएगी।

📊 खाद और बीज की वर्तमान स्थिति

कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष 58,350 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 20,197 मीट्रिक टन खाद अभी समितियों में उपलब्ध है। वहीं, बीज के लिए 32,690 क्विंटल का लक्ष्य तय किया गया है। विभाग का कहना है कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है।

🚫 नैनो उर्वरक अनिवार्य नहीं: प्रशासन का स्पष्ट निर्देश

किसानों के बीच चल रही नैनो यूरिया या नैनो डीएपी की अनिवार्यता की चर्चाओं पर विभाग ने विराम लगा दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पूरी तरह वैकल्पिक है। इसे खरीदने के लिए किसी भी किसान पर कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा।

⚖️ खाद वितरण का स्पष्ट गणित

प्रशासन ने वितरण के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की है:

  • प्रति एकड़ खाद: 2 बोरी यूरिया, 1 बोरी डीएपी, 1 बोरी एमओपी।

  • वितरण का आधार: पिछले वर्ष मिले उर्वरक के आधार पर (यूरिया 80% और डीएपी 60% शुरुआती तौर पर)।

  • संतुलित उपयोग: शेष उर्वरक की पूर्ति के लिए जैविक खाद, नैनो उर्वरक या संतुलित एनपीके के उपयोग की सलाह दी गई है, लेकिन यह बाध्यकारी नहीं है।

🚜 डीजल और निगरानी पर विशेष ध्यान

प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि ट्रैक्टरों के लिए डीजल लेने पर कोई रोक नहीं है। किसान अपनी आवश्यकतानुसार सीधे डीजल ले सकते हैं। साथ ही, जिला प्रशासन और कृषि विभाग समितियों में स्टॉक की निरंतर निगरानी कर रहे हैं ताकि कालाबाजारी या कृत्रिम कमी को रोका जा सके। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते खाद-बीज का उठाव कर लें और मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करें।

संपादकीय टिप्पणी: प्रशासन द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने से किसानों में व्याप्त संशय दूर होगा। क्या आपको लगता है कि इस प्रकार की व्यवस्था से बिचौलियों पर लगाम लगेगी? अपने विचार नीचे साझा करें।

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