Bijapur Development News: नक्सलवाद के खात्मे के बाद कोंडापल्ली में नई सुबह; सीएम साय ने ‘सुशासन तिहार’ में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

बीजापुर का कोंडापल्ली क्षेत्र, जो दशकों तक नक्सलवाद की छाया में था, अब शांति और विकास की नई इबारत लिख रहा है। 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद के खात्मे के बाद, क्षेत्र में विकास की बयार बहने लगी है। इसी क्रम में मंगलवार, 2 जून को कोंडापल्ली में ‘सुशासन तिहार’ का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हिस्सा लिया और सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
🤝 जनता के बीच मुख्यमंत्री, लगायी ‘जन-चौपाल’
‘सुशासन तिहार’ के दौरान मुख्यमंत्री ने कोंडापल्ली में एक विशाल चौपाल लगाई। 10 से अधिक ग्राम पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई और बैंकिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। सीएम साय ने एक अभिभावक की भांति सभी मांगों को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा, “कोंडापल्ली जैसे क्षेत्र अब शांति, विकास और विश्वास के पथ पर अग्रसर हैं, जो सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
🚜 कृषि और रोजगार: सरकार का मुख्य फोकस
युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए सीएम साय ने कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसरों पर विशेष जोर दिया है। किसानों के लिए यह दिन बेहद खास रहा, क्योंकि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के लिए लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। यह पहल न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूत करेगी, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार लाएगी।
✨ उम्मीदों से भरा ‘सुशासन तिहार’
‘सुशासन तिहार’ ने कोंडापल्ली के लोगों में विकास की नई उम्मीदें जगा दी हैं। शासन-प्रशासन के सीधे गांव तक पहुंचने से ग्रामीणों का भरोसा बढ़ा है कि उनकी आवाज अब सीधे सत्ता के गलियारों तक पहुंच रही है। यह आयोजन न केवल समस्याओं के समाधान का मंच बना, बल्कि इस क्षेत्र को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में एक प्रमुख कड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
संपादकीय टिप्पणी: किसी भी क्षेत्र से नक्सलवाद का खात्मा और वहां विकास का पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है। क्या आपको लगता है कि कोंडापल्ली जैसे क्षेत्रों में ऐसी ‘जन-चौपालें’ नियमित रूप से होनी चाहिए ताकि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी पूरी तरह समाप्त हो सके? अपने विचार नीचे साझा करें।






