ब्रेकिंग
Supreme Court Hearing on SIR: चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) फैसलों पर टली सुप्रीम कोर्ट की... Greater Noida Robotics Park: उत्तर प्रदेश में बनेगा देश का पहला 'प्रगति' रोबोटिक्स पार्क, योगी सरकार... Delhi High Court Notice: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR पर दिल्ली HC का नोटिस, पत्... Diwali and Chhath Puja Health Tips: दिवाली और छठ की व्यस्तता में सेहत का ऐसे रखें ख्याल, थकान और तना... डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में दी डेटा प्रोटेक्शन एक्ट को चुनौती, पत्रकारिता प... Delhi Ramlila Maidan Rally: दिल्ली में 1 नवंबर को होगी इंडिया गठबंधन की महारैली, 10 लाख लोगों के जुट... Flex-Fuel Vehicles in India: केंद्र सरकार का बड़ा कदम, 100% एथेनॉल से चलने वाले वाहनों को मंजूरी; नि... Jan Suraaj Digital Manager Death: प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज को बड़ा झटका, डिजिटल मैनेजर देवपा... Ujjain News: सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया सिंहस्थ 2028 की 539 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का भूमिपूजन,... Rajasthan Drought News: राजस्थान में सूखे की मार, 14 जिलों की 80 तहसीलें घोषित हुईं गंभीर और मध्यम स...
उत्तरप्रदेश

Mathura Police Controvery: ‘रातभर थानों के चक्कर कटवाती रही पुलिस’—वृंदावन में ई-रिक्शा चालक सामान लेकर फरार

उत्तर प्रदेश के मथुरा अंतर्गत धर्मनगरी वृंदावन से एक बेहद हैरान करने वाली और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है. धर्मनगरी में देश-विदेश के श्रद्धालुओं के साथ-साथ कलाकारों की सुरक्षा भी दांव पर लग गई है. यहाँ सुप्रसिद्ध संत श्रद्धेय प्रेमानंद महाराज के बेहद चहेते और उनके समक्ष अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके प्रसिद्ध शो-पात्र (कठपुतलियां) ‘जोजो और जॉनी’ चोरी हो गए हैं. पीड़ित कलाकार राहुल मिश्रा ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर और संवेदनहीन होने के आरोप लगाए हैं. राहुल का आरोप है कि वारदात के बाद वे रात भर ‘जोजो और जॉनी’ को खोजने के लिए भटकते रहे, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. अंततः थक-हारकर उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से एक बेहद भावुक अपील करते हुए अपने जीवन के आधार को ढूंढने की गुहार लगाई है.

🎒 प्रेम मंदिर के पास सेवाधाम गेस्ट हाउस की घटना: ई-रिक्शा चालक कलाकार का मुख्य सामान लेकर हुआ रफूचक्कर

पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी के अनुसार, राजस्थान के जयपुर निवासी मशहूर कलाकार राहुल मिश्रा अपने कुछ सहयोगियों और साथियों के साथ वृंदावन की पावन परिक्रमा के लिए मथुरा पहुंचे थे. गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि को श्रद्धापूर्वक अपनी परिक्रमा खत्म करने के बाद वे रात के समय प्रेम मंदिर के पास स्थित सेवाधाम गेस्ट हाउस में रुकने के लिए कमरा देखने गए थे. इसी दौरान एक शातिर ई-रिक्शा चालक कलाकार राहुल मिश्रा और उनके साथियों का मुख्य बैग लेकर रफूचक्कर हो गया. गायब हुए इसी बैग में राहुल के दो मुख्य शो-पात्र ‘जोजो और जॉनी’ मौजूद थे, जिनके जरिए वे कठपुतली और कला का प्रदर्शन करते थे.

👮 ‘वृंदावन कोतवाली से पर्यटन थाने तक काटता रहा चक्कर’: पीड़ित कलाकार ने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर दागे तीखे सवाल

पीड़ित कलाकार राहुल मिश्रा का आरोप है कि ये दोनों शो-पात्र केवल निर्जीव वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि इनके साथ वे देश के विभिन्न राज्यों समेत स्वयं संत प्रेमानंद महाराज के समक्ष कई बार बेहद भावुक और सफल प्रस्तुतियां दे चुके हैं. पीड़ित का कहना है कि घटना के तुरंत बाद जब वे रात में ही शिकायत दर्ज कराने और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज चेक कराने पहुंचे, तो उन्हें रात भर वृन्दावन कोतवाली, स्थानीय पुलिस चौकी और पर्यटन थाने के बीच फुटबॉल की तरह चक्कर कटवाए गए, लेकिन किसी भी थाने की पुलिस ने मुस्तैदी नहीं दिखाई. पीड़ित राहुल मिश्रा ने रोते हुए वीडियो जारी कर भावुक अपील की है कि जोजो और जॉनी उनके जीवन और आजीविका का एकमात्र आधार हैं, जिसे भी ये मिलें कृपया उन तक पहुंचाने में इंसानियत के नाते मदद करें.

⏱️ देर रात 12:50 बजे की है पूरी वारदात: किराया लेते ही रिक्शा चालक ने दबाया एक्सीलेटर, पुलिसिया जांच पर उठे सवाल

वारदात की कड़ियों को साझा करते हुए राहुल मिश्रा ने बताया कि वह देर रात करीब 12:50 बजे के आसपास परिक्रमा मार्ग खत्म करने के बाद अपने तय गेस्ट हाउस के कमरे के पास लौटे थे. इस दौरान उन्होंने ई-रिक्शा चालक को उसका तय किराया ईमानदारी से दे दिया और सेवा धाम गेस्ट हाउस के गेट की तरफ चलने लगे, तभी अचानक उन्हें याद आया कि उनका मुख्य बैग तो रिक्शा के पिछले हिस्से में ही छूट गया है. उन्होंने तुरंत पीछे मुड़कर रिक्शा चालक को जोर-जोर से आवाज दी और रिक्शा रुकवाने की कोशिश की, लेकिन चालक ने आवाज सुनते ही रिक्शा रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला. इस मामले में जब उन्होंने पुलिस से नाकेबंदी की मांग की, तो पुलिस तफ्तीश करने के बजाय सीमा विवाद का बहाना बनाकर उन्हें एक थाने से दूसरे थाने दौड़ाती रही.

Related Articles

Back to top button