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Baghpat News: प्रेरणा कैंटीन का 94 हजार का बिल दबाए बैठे अधिकारी; संचालिका ने लगाए गंभीर आरोप

बागपत: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (NRLM) की योजना पर बागपत के विकास भवन में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां संचालित ‘प्रेरणा कैंटीन’ की संचालिका ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर पिछले चार वर्षों से लगभग 94 हजार रुपये का भुगतान न करने का आरोप लगाया है।

📉 उधार की चाय-नाश्ते से संचालिका की आर्थिक तंगी

कबीर स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष और संचालिका बिमलेश का कहना है कि विभागीय अधिकारी लंबे समय से कैंटीन से भोजन और नाश्ता लेते रहे, लेकिन किसी ने भुगतान नहीं किया। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि बिमलेश को अपना खर्च चलाने के लिए खेतों से लकड़ियां तक बीननी पड़ रही हैं। राशन और दूध देने वाले दुकानदार भी अपने पैसे मांग रहे हैं, जिससे कैंटीन के संचालन पर ताला लटकने की नौबत आ गई है।

🚫 भुगतान मांगने पर मिली धमकी

बिमलेश ने आरोप लगाया कि जैसे ही उन्होंने अपने बकाया पैसे की मांग तेज की, उन्हें भुगतान करने के बजाय कैंटीन खाली करने के नोटिस थमा दिए गए। उनका कहना है कि सरकारी दफ्तर के अधिकारियों का यह व्यवहार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का मनोबल तोड़ने वाला है।

📢 प्रशासन का रुख

मामला सार्वजनिक होने के बाद मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अनिल कुमार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अगले 2-3 दिनों में पूरा बकाया भुगतान करा दिया जाएगा। साथ ही, भविष्य में किसी भी कर्मचारी को ‘उधार’ पर खाद्य सामग्री न देने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं ताकि ऐसी शर्मनाक स्थिति दोबारा पैदा न हो।

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