Yamuna O-Zone Delhi: यमुना किनारे रहने वालों को बड़ी राहत; बीजेपी सांसदों ने कहा- ‘पुरानी बस्तियों पर नहीं चलेगा बुलडोजर’

दिल्ली: यमुना किनारे ओ-जोन क्षेत्र में रहने वाले करीब 15 लाख लोगों के सिर पर मंडरा रहे तोड़फोड़ के डर को बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने दूर कर दिया है। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और रामवीर सिंह बिधूड़ी ने स्पष्ट किया है कि केंद्र और दिल्ली सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। किसी भी प्राचीन बसे गांव या पहले नियमित हो चुकी कॉलोनियों में कोई तोड़फोड़ नहीं की जाएगी।
🚧 ‘पुरानी बस्तियों पर नहीं चलेगा बुलडोजर’
सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक का हवाला देते हुए बताया कि हाईकोर्ट का आदेश केवल नए अवैध निर्माणों पर लागू होता है, न कि पहले से बसी बस्तियों पर। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जब तक इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक वे कोई भी नया निर्माण कार्य न करें।
📜 ‘ओ-जोन’ से ‘एफ-जोन’ का मुद्दा
बिधूड़ी ने विस्तार से बताया कि ये कॉलोनियां 2008 में ही नियमित हो गई थीं, लेकिन 2010 में इन्हें त्रुटिपूर्ण तरीके से ‘ओ-जोन’ में डाल दिया गया था। उन्होंने कहा कि эксперट कमेटी ने भी माना है कि इन बस्तियों से यमुना की गुणवत्ता पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता है। अब मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सभी बीजेपी सांसद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलकर इस विसंगति को दूर करने और इन क्षेत्रों को फिर से ‘एफ-जोन’ में लाने की मांग करेंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: आप की नाकामी का नतीजा
सांसद मनोज तिवारी ने इस तनाव के लिए ‘आम आदमी पार्टी’ की 10 साल की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ओ-जोन की त्रुटि को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ हुई चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि DDA और MCD को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी पुराने घर को नुकसान न पहुँचाया जाए।






