ब्रेकिंग
Modi Govt 12 Years: एनडीए बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना; चंद्रबाबू नायडू और अमित श... PoJK Unrest: पाक अधिकृत कश्मीर में सुरक्षा बलों का दमन; प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग, कई लोगों की मौत ... Mumbai Flyover Controversy: 250 करोड़ का मृणालताई गोरे फ्लाईओवर विवादों में; उद्घाटन के बाद ही सतह प... Khurram Parvez Bail: दिल्ली हाई कोर्ट ने कश्मीरी एक्टिविस्ट खुर्रम परवेज को दी जमानत; UAPA मामले में... Chhattisgarh News: 'चावल वाले बाबा' नरेंद्र नयन शास्त्री दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार; महासमुंद पुल... UP Panchayat Chunav: उत्तर प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची जारी; 12.58 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान, जानें... West Bengal Political Crisis: टीएमसी में फूट! काकोली घोष दस्तीदार और शत्रुघ्न सिन्हा समेत 19 सांसदों... Corruption Case: नकली दवा घोटाले का आरोपी और इंस्पेक्टर गिरफ्तार; CBI ने किया 3 करोड़ की रिश्वत के न... Mussoorie Road Accident: मसूरी में दर्दनाक हादसा; ब्रेक फेल होने से 500 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, ... Sayani Ghosh Political Journey: ममता बनर्जी की 'शिष्या' सयानी घोष का हृदय परिवर्तन; टीएमसी छोड़ एनडीए...
पंजाब

Punjab Bus Strike: पंजाब में सरकारी बसें हुई ठप; रोडवेज और PRTC कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से यात्रियों को भारी परेशानी

पंजाब: पंजाब में रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी (PRTC) कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल ने राज्य भर में यातायात व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है। आज दोपहर 12 बजे से सरकारी बसों का चक्का जाम होने के कारण हजारों यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है और प्रदर्शनकारी कर्मचारी सरकार के खिलाफ लामबंद हैं।

💢 क्यों शुरू हुई हड़ताल? मुख्य मांगे और आरोप

यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह भुल्लर के अनुसार, यह संघर्ष सरकार की उपेक्षा के कारण छिड़ा है। उनकी मुख्य शिकायतें और मांगें निम्नलिखित हैं:

  • निजीकरण का विरोध: कर्मचारी विभागों के निजीकरण को लेकर चिंतित हैं।

  • नियमितीकरण की मांग: चार साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी किसी भी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है।

  • नई बसों का अभाव: पिछले चार वर्षों से विभाग के बेड़े में एक भी नई सरकारी बस शामिल नहीं की गई है।

  • दमनकारी नीति: आंदोलनकारी कर्मचारियों पर मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई से रोष व्याप्त है।

👥 यात्रियों की बढ़ती मुश्किलें

सरकारी बसों के अभाव में यात्रियों को निजी बसों का रुख करना पड़ रहा है, जहां अत्यधिक भीड़ और मनमाना किराया यात्रियों के लिए नई मुसीबत बना हुआ है। विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

🛑 आगे का रुख: सीएम आवास घेराव की चेतावनी

यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया है कि यदि सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी, तो कल यानी 11 जून को मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ स्थित आवास का घेराव किया जाएगा। यह हड़ताल पंजाब में आने वाले दिनों में और भी बड़ी प्रशासनिक चुनौती बन सकती है।

Related Articles

Back to top button