ब्रेकिंग
Karan Johar Spy Movie: करण जौहर बनाएंगे RAW के पहले चीफ RN काव की बायोपिक, 2028 में होगी रिलीज Sri Lanka Water Shortage News: नदियां और कुएं सूखे, पीने के पानी के लिए तरसे लोग; अल नीनो बना बड़ी व... Gold Loan Demand in India: मजबूरी नहीं बल्कि स्मार्ट चॉइस बना गोल्ड लोन, युवाओं में तेजी से बढ़ रहा ... Sanchar Saathi Portal Alert: साइबर क्राइम और फर्जीवाड़े से बचने के लिए तुरंत चेक करें अपने नाम पर रज... Mahalakshmi Vrat Rules: 16 दिनों तक चलने वाला महालक्ष्मी व्रत किसे करना चाहिए और किसे नहीं? जानिए नि... Weekend Sleep Myth: वीकेंड पर 12 घंटे सोने से पूरी नहीं होती नींद, जानिए क्यों खतरनाक है स्लीपिंग पै... Delhi High Court News: केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद नए जजों की नियुक्ति, जानिए किन-किन चेहरों को मि... DTC Bus Vandalism Delhi: डीटीसी बस हड़ताल के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा मामले में 12 गिरफ्तार, साजिशकर्... Delhi Prison Crime News: अति-सुरक्षित रोहिणी जेल के वार्ड 3 में खूनी संघर्ष, आर्म्स एक्ट के बंदी की ... Vidisha News: गांवों को गरीबी मुक्त बनाने के लिए शिवराज सिंह चौहान की बड़ी पहल; विदिशा से 'जिला समृद...
देश

Corruption Case: नकली दवा घोटाले का आरोपी और इंस्पेक्टर गिरफ्तार; CBI ने किया 3 करोड़ की रिश्वत के नेटवर्क का पर्दाफाश

नई दिल्ली: सीबीआई (CBI) ने एक बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का खुलासा किया है जो 5000 करोड़ रुपये के नकली दवा घोटाले से जुड़ा है। हाल ही में की गई कार्रवाई में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और उनके सहयोगी राजकुमार उर्फ मदनराज को गिरफ्तार किया गया है। इन पर पुडुचेरी के नकली दवा घोटाले के मुख्य आरोपी एन. राजा उर्फ वल्लीअप्पन को सीबीआई जांच में फायदा दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये रिश्वत लेने का आरोप है।

💰 हवाला के जरिए पहुंची रकम

जांच एजेंसी के अनुसार, इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और उसके साथियों ने आरोपी को विश्वास दिलाया कि वे सरकारी और सीबीआई के प्रभावशाली अधिकारियों से जांच में राहत दिला सकते हैं। इस सौदे के लिए 3 करोड़ रुपये मांगे गए थे, जिसमें से 1.5 करोड़ रुपये एडवांस मिलने थे।

  • सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, आरोपी एन. राजा ने 1 करोड़ रुपये हवाला चैनल के जरिए दिल्ली भिजवाए।

  • सीबीआई ने अदालत को बताया कि इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने यह रकम प्राप्त की थी, जिसमें से 50 लाख रुपये प्रभात नामक व्यक्ति को दिए गए और 25 लाख रुपये उन्होंने स्वयं रखे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 24.70 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

🕵️ सीनियर सरकारी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध

सीबीआई ने कोर्ट में खुलासा किया कि 14 मई को एयरोसिटी में एक सीनियर सरकारी अधिकारी के साथ आरोपियों की मुलाकात कराई गई थी। उस अधिकारी ने कथित तौर पर जांच को प्रभावित करने और अनुकूल कार्रवाई का भरोसा दिया था। जांच एजेंसियां अब उस अधिकारी की पहचान और रिश्वत की रकम के पूरे ट्रेल को खंगालने में जुटी हैं।

⚖️ अदालत का रुख और आगे की जांच

राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के दौरान सीबीआई ने मामले की गंभीरता और डिजिटल सबूतों की बरामदगी के लिए आरोपियों की रिमांड मांगी थी। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को झूठा करार देते हुए रिमांड का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने जांच की आवश्यकता को देखते हुए आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया। यह नकली दवा घोटाला देश के सबसे बड़े फार्मा फ्रॉड मामलों में से एक है, जिसमें अब अधिकारियों की संलिप्तता ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

Related Articles

Back to top button