DTC Bus Vandalism Delhi: डीटीसी बस हड़ताल के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा मामले में 12 गिरफ्तार, साजिशकर्ता बेनकाब

राजधानी दिल्ली में परिवहन निगम (DTC) के अस्थायी कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के दौरान पिछले दो दिनों में कंझावला इलाके में डीटीसी बसों में तोड़फोड़ करने और उन्हें भारी नुकसान पहुंचाने की गंभीर घटनाओं सामने आई हैं. इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए इन उपद्रवियों में से तीन मुख्य लोग ऐसे हैं जिन्होंने इन हमलों की पूरी साजिश रची थी और भीड़ को उकसाने का काम किया था.
⚖️ 2. डिपो मैनेजर की शिकायत पर बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज, साजिश रचने वाले तीन मुख्य आरोपी दबोचे गए
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंझावला थाने में मिली कई पीसीआर कॉल्स के जरिए बसों के शीशे तोड़ने और उन्हें क्षतिग्रस्त करने की सूचना मिली थी. शुरुआत में पुलिस ने बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की, लेकिन बाद में डिपो मैनेजर की औपचारिक शिकायत पर कंझावला थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 324(5) और 125 तथा दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट की धारा 3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस ने साजिश रचने वाले विक्की (27), भरत (28) और अमित (38) नामक आरोपियों को दबोच लिया है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है.
🛑 3. 2 हजार रुपये दिहाड़ी, मेडिकल और बोनस जैसी प्रमुख मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं ड्राइवर व कंडक्टर, यात्रियों को हो रही परेशानी
आपको बता दें कि डीटीसी के अस्थायी ड्राइवर और कंडक्टर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिनमें मुख्य रूप से 2 हजार रुपये दैनिक वेतन (दिहाड़ी), चिकित्सा सुविधाएं, सालाना व त्योहारों पर बोनस, सरकारी छुट्टियों का भुगतान, बीमा (इंश्योरेंस) और अन्य भत्ते शामिल हैं. कर्मचारियों का यह भी कहना है कि हादसों के दौरान उनकी सैलरी से पैसे काटे जाते हैं और उन्हें रोजाना मात्र 862 रुपये मिलते हैं जिसमें से भी पीएफ कट जाता है. सरकार के आश्वासनों के बावजूद प्रदर्शन जारी रहने से आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.





