ब्रेकिंग
DTC Bus Vandalism Delhi: डीटीसी बस हड़ताल के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा मामले में 12 गिरफ्तार, साजिशकर्... Delhi Prison Crime News: अति-सुरक्षित रोहिणी जेल के वार्ड 3 में खूनी संघर्ष, आर्म्स एक्ट के बंदी की ... Vidisha News: गांवों को गरीबी मुक्त बनाने के लिए शिवराज सिंह चौहान की बड़ी पहल; विदिशा से 'जिला समृद... Ujjain News: युवाओं को परिपक्व न मानकर अलग न करें; AI और नई सोच देश को देगी दिशा— स्वामी अवधेशानंद ग... Delhi Crime News: रोहिणी जेल में आर्म्स एक्ट के आरोपी कैदी की निर्मम हत्या, दोपहर 12 बजे हुई वारदात ... Madhya Pradesh Rain Alert: भोपाल, जबलपुर समेत कई जिलों में तूफानी बारिश; 22 से 24 सितंबर तक जारी रहे... Chandra Shekhar Azad in Basti: आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर ने भरी हुंकार, 2027 के यूपी चुनाव म... Bhopal RTO Officer Death: भोपाल में RTO इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की हथौड़े से हत्या; प्रेमी ने घर क... Indore MP Politics: इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय का नया विवाद; कांग्रेस का पलटवार— कहा 'BJP ने हमेशा म... Chhatarpur News Today: हिंदू राष्ट्र के लिए फिर गूंजेगा बागेश्वर धाम का हुंकार; जानिए धीरेंद्र शास्त...
मध्यप्रदेश

Ujjain News: युवाओं को परिपक्व न मानकर अलग न करें; AI और नई सोच देश को देगी दिशा— स्वामी अवधेशानंद गिरि

उज्जैन। युवाओं ने हर युग में देश और समाज को एक नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभाई है। आज की युवा पीढ़ी अत्याधुनिक गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से गहराई से जुड़ी हुई है, जिसके पास अपना अनोखा अनुभव और प्रगतिशील सोच है। युवाओं की बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उन्हें यह कहकर दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए कि वे अभी अपरिपक्व हैं। युवाओं की नई सोच और उनके रचनात्मक प्रयोग देश के विकास की गति को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

यह विचार जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि ने व्यक्त किए। इसके साथ ही स्वामी जी ने शिक्षा और चिकित्सा को समाज की शीर्ष प्राथमिकता बताया। उन्होंने भारतीय वेदों और पुराणों को ज्ञान की अति-समृद्ध परंपरा बताते हुए जीवन में संस्कार, सत्यनिष्ठा और उच्च नैतिकता पर विशेष बल दिया।

🕉️ सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से मन प्रसन्न: विकास जरूरी, लेकिन धर्मस्थलों की गरिमा भी रहे बरकरार

स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने आगामी ‘सिंहस्थ 2028’ का जिक्र करते हुए कहा कि उज्जैन में अभी से आयोजन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है।

शासन-प्रशासन की तैयारियों में सजगता और आम जनता में अपार उत्साह देखकर मन अत्यंत प्रसन्न है। उन्होंने बताया कि वे 1980, 1992, 2004 और 2016 के सिंहस्थ महाकुंभ के साक्षी रह चुके हैं और अब 2028 के सिंहस्थ में सहभागिता की तैयारी है।

🏛️ साधु-संत विकास के विरोधी नहीं: प्राचीन मंदिरों और परंपराओं से जुड़े फैसलों पर हो आपसी विमर्श

उज्जैन के प्रसिद्ध बड़ा सराफा क्षेत्र स्थित ‘खड़े हनुमान मंदिर’ के विकास कार्यों के चलते स्थानांतरण के विषय पर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि देश के प्राचीन धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और विकास में सरकारों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।

विकास कार्य करना सरकारों का दायित्व है और साधु-संत कभी भी विकास के विरोधी नहीं रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर पूरा संत समाज सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अखाड़ों, संतों और प्राचीन धर्मस्थलों से जुड़े संवेदनशील विषयों पर आपसी विचार-विमर्श के बाद ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।

विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की गरिमा, पवित्रता और सदियों पुरानी परंपराओं का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। वे स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज के 94वें प्राकट्य दिवस के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

🪨 ‘सही तरीके से तराशा जाए तो बदल सकती है पत्थर की तकदीर’: सांदीपनि आश्रम में पड़े थे गीता के बीज

स्वामी अवधेशानंद महाराज ने प्रेरणादायी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पत्थर को भी सही तरीके से तराशा जाए तो उसकी तकदीर बदल सकती है और वह पूजनीय हो जाता है।

उन्होंने उज्जैन की महिमा बताते हुए कहा कि जब स्वयं भगवान श्रीकृष्ण को गुरु धारण करना था, तो वे अवंतिका नगरी (उज्जैन) के पवित्र सांदीपनि आश्रम में आए थे। भगवान कृष्ण ने यहीं से शिक्षा प्राप्त की और कालांतर में कुरुक्षेत्र की भूमि पर अर्जुन को जो श्रीमद्भगवद्गीता का अमर संदेश सुनाया, उसके ज्ञान रूपी बीज इसी उज्जैन की पावन धरा पर रोपे गए थे।

Related Articles

Back to top button