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मध्यप्रदेश

Jal Jeevan Mission Failure: छतरपुर के रामटौरिया गांव में नल तो लगे, लेकिन पानी नदारद; करोड़ों की योजना सवालों के घेरे में

छतरपुर: केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना, जिसका लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, छतरपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में अपनी ही विफलता की कहानी सुना रही है। करोड़ों का बजट खर्च करने के बाद भी धरातल पर स्थिति बेहद गंभीर है। कई गांवों में टंकी और नल कनेक्शन तो लगा दिए गए, लेकिन नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं है।

🚰 रामटौरिया में कागजों पर दौड़ रहा पानी

जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर रामटौरिया गांव में जल जीवन मिशन का हाल सबसे बुरा है। सुजारा बांध परियोजना के तहत यहां नल कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन पाइपलाइनों से पानी की जगह केवल हवा निकल रही है। वार्ड नंबर 1, 12 और 14 के निवासी मीलों दूर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में यह संकट और भी विकराल हो गया है।

💰 सुविधा नहीं, फिर भी वसूली की मार

ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप ग्राम पंचायत द्वारा की जा रही अवैध वसूली को लेकर है। स्थानीय महिला गेंदा बाई ने बताया कि पानी की एक बूंद न मिलने के बावजूद पंचायत अधिकारी 3000 से 5000 रुपये तक की वसूली कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बड़ामलहरा SDM और छतरपुर कलेक्टर से कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

📢 प्रशासन का जवाब

इस मामले पर जल निगम के अधिकारी अनमोल कोचर का कहना है कि, “बड़ा मलहरा और घुवारा के 119 गांवों को पानी दे रहे हैं, बाकी योजना के तहत कार्य चालू है। इस वर्ष के अंत तक अधिकांश घरों में पानी पहुंचने लगेगा।” हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से यही आश्वासन सुन रहे हैं, जबकि हकीकत में उन्हें आज भी प्यासा रहना पड़ रहा है।

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