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छत्तीसगढ़

PDS Scam in Mahasamund: बसना में राशन वितरण में बड़े घोटाले का आरोप; ऑनलाइन रिकॉर्ड में बंटा राशन, हितग्राही भूखे

महासमुंद: जिले के बसना नगर पंचायत में राशन वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। सैकड़ों राशन कार्डधारकों ने आरोप लगाया है कि पिछले तीन से चार महीनों से उन्हें चावल, शक्कर और नमक जैसी आवश्यक सामग्री नहीं मिली है। चौंकाने वाली बात यह है कि सरकारी ऑनलाइन रिकॉर्ड में राशन का वितरण सफलतापूर्वक दिखाया जा चुका है, जबकि हितग्राही राशन के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

😡 सेल्समैन की मनमानी और अभद्र व्यवहार

हितग्राहियों का कहना है कि राशन दुकान के सेल्समैन की मनमानी चरम पर है। ग्रामीण डिकेश्वरी पटवा और पिंटू बहरा जैसे कई लोगों का आरोप है कि जब वे राशन मांगते हैं या वितरण के बारे में पूछते हैं, तो सेल्समैन उनके साथ अभद्र व्यवहार करता है। उन पर दबाव बनाकर अंगूठा तो लगवा लिया जाता है, लेकिन राशन के नाम पर उन्हें कुछ नहीं दिया जाता। कई बार तो शिकायत करने पर सेल्समैन कार्ड फेंककर उन्हें अपमानित भी करता है।

🍚 वितरण का ऑनलाइन खेल और भुखमरी का संकट

सरकारी पोर्टल पर राशन वितरण ‘सफल’ दर्शाए जाने के कारण गरीब और मजदूर परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट गहरा गया है। पिछले तीन महीनों से शक्कर और नमक का वितरण भी पूरी तरह बंद है। लोगों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर करके उनके हक का राशन खुले बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे गरीब परिवार अपनी मूल जरूरतों से वंचित हो रहे हैं।

👮 कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इसे संज्ञान में लिया है। कलेक्टर ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में राशन वितरण में गड़बड़ी, रिकॉर्ड में हेरफेर या सेल्समैन की लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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