ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का 10 हजार नौकरियों का बड़ा ऐलान, बिहार के सियासी गलियारों में मचा हड़...
देश

TMC Internal Conflict: सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने ममता बनर्जी और महुआ मोइत्रा को भेजा कानूनी नोटिस

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी खींचतान अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गई है। बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ. वैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने अपनी ही पार्टी के कई दिग्गज नेताओं को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें ममता बनर्जी, महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय और सोनाली गुहा जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

🚫 आरोपों को नकारा: टिकट की नहीं थी कोई महत्वाकांक्षा

डॉ. वैद्यनाथ ने नोटिस के माध्यम से उन आरोपों का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने बारासात विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट की मांग की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में उनकी कोई रुचि या महत्वाकांक्षा नहीं थी। उन्होंने नेताओं से मांग की है कि 15 दिनों के भीतर वे सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दें और माफी मांगें, अन्यथा आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🗣️ I-PAC और पार्टी नेताओं की भूमिका पर सवाल

नोटिस में यह आरोप भी लगाया गया है कि तृणमूल कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार रहे I-PAC से जुड़े लोगों और स्थानीय छात्र नेताओं ने ही उन्हें बार-बार राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया था। डॉ. दस्तीदार ने साफ तौर पर कहा है कि उनके निजी जीवन और राजनीतिक आकांक्षाओं के बारे में फैलाए गए गलत बयानों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।

📉 टीएमसी में बढ़ती उथल-पुथल

यह कानूनी नोटिस पार्टी की चुनावी हार के बाद बढ़ रही आंतरिक कलह का एक और बड़ा उदाहरण है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में काकोली घोष दस्तीदार ने बारासात संसदीय जिला अध्यक्ष का पद छोड़ दिया है और पार्टी की महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। ममता बनर्जी के करीबी नेताओं को सांसद पुत्र द्वारा नोटिस भेजा जाना पार्टी के गिरते मनोबल और बिखराव को दर्शाता है।

Related Articles

Back to top button